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    महिला सशक्तिकरण में 11 वर्षों की प्रगति, मोदी सरकार की योजनाओं का असर

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की सत्ता संभालें 11 साल पूरे हो चुके हैं. इन 11 सालों में मोदी ने देश के विकास के साथ-साथ एक और सपना देखा था, वह था महिलाओं को सशक्त बनाना. मोदी का यह सपना अब पूरा हो चुका है. इसका उदाहरण हाल ही में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह हैं, क्योंकि भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ था, जब किसी सैन्य ऑपरेशन की जानकारी महिलाओं ने दी हो. मोदी युग में महिलाएं घर के चूल्हे से निकलकर चांद तक पहुंचने में कामयाब रहीं. मोदी का मानना है कि एक देश तभी विकास कर सकता है जब उस देश में रहने वाली महिलाओं का विकास हो.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की सत्ता संभालें 11 साल पूरे हो चुके हैं. इन 11 सालों में मोदी ने देश के विकास के साथ-साथ एक और सपना देखा था, वह था महिलाओं को सशक्त बनाना. मोदी का यह सपना अब पूरा हो चुका है. इसका उदाहरण हाल ही में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह हैं, क्योंकि भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ था, जब किसी सैन्य ऑपरेशन की जानकारी महिलाओं ने दी हो. मोदी युग में महिलाएं घर के चूल्हे से निकलकर चांद तक पहुंचने में कामयाब रहीं. मोदी का मानना है कि एक देश तभी विकास कर सकता है जब उस देश में रहने वाली महिलाओं का विकास हो.

    बेटियों की शिक्षा पर दिया ध्यान
    एक दशक पहले किसी भी परिवार में बेटी से ज्यादा बेटे की शिक्षा पर ध्यान दिया जाता था. जिसका कारण या तो सोच या कम पैसा होता था. लेकिन अब लोगों को कहते सुना होगा कि ‘म्हारी छोरियां छोरो से कम है के’. इसका सारा श्रेय हमारा प्रधानमंत्री मोदी को जाता है. क्योंकि उन्होंने लोगों की सोच भी बदली और बेटियों को मुफ्त शिक्षा दिलाने के लिए कई योजनाएं भी चलाईं.

    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
    इस योजना के तहत बेटियों की शिक्षा और भ्रूण हत्या को रोकने पर विशेष ध्यान दिया गया. 2014-15 में लिंगानुपात 918 था. वहीं 2023-24 में बढ़कर 930 हो गया. अगर शिक्षा की बात करें तो 2014 में स्कूल में लड़कियों का नामांकन 75.51% से बढ़कर 2023-24 में 78% हो गया है.

    सुकन्या समृद्धि योजना
    इस योजना को लागू हुए एक दशक हो गया है. इसका उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है. 2024 तक पूरे भारत में लड़कियों के 4.1 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं.

    देश की सेवा में योगदान दे रहीं महिलाएं
    कुछ साल पहले महिलाओं की रक्षा घर के पुरुष करते थे, लेकिन अब महिलाएं खुद की नहीं बल्कि देश की भी रक्षा कर रहीं हैं. महिलाएं पुलिस, सशस्त्र बलों की वर्दी बहुत ही गर्व के साथ पहनती हैं. आज के दौर में लड़कियां सैनिक स्कूलों और राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी में दाखिला ले रही हैं जो वास्तव में एक नए युग का प्रतीक है.

    जमीन से लेकर चांद तक कर रही हैं नाम रोशन
    जमीन पर ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष पर भी महिलाएं भारत का नाम रोशन कर रही हैं. महिलाओं ने चंद्रयान 3 में की सफलता में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इतना ही नहीं पूरे विश्व में सबसे ज्यादा पायलट आज हमारे देश में ही हैं.

    राजनीति में महिलाओं की भागीदारी की सुनिश्चित
    पं जवाहर लाल नेहरू की सरकार में एक भी महिला कैबिनेट मंत्री नहीं थी. मोदी सरकार ने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नारी शक्ति बंधन अधिनियम लेकर आई. इसके तहत लोकसभा और राज्यसभा ने 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गईं.

    गर्भवती महिलाओं के लिए अपार योजनाएं
    गर्भवती महिलाओं की गर्भ के दौरान उचित पोषण मिल सके, इसके लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई है. जिसमें मिशन पोषण, मिशन पोषण 2.0, पोषण भी पढ़ाई भी यानी पीबीपीबी योजना, सुपोषित ग्राम पंचायत योजना, यूआईपी, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी कई योजनाएं शामिल हैं.

    इसके अलावा भी मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए कई अहम कदम उठाए. जैसे ट्रिपल तलाक को खत्म करना, शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 करना शामिल है. प्रस्तावित विवाह योग्य आयु 18 से बढ़ाकर 21 करने से युवा महिलाओं को विवाह से पहले शिक्षा और रोजगार प्राप्त करने का अधिकार मिलेगा. इसके अलावा मोदी सरकार ने मातृत्व अवकाश को दोगुना यानी 26 सप्ताह कर दिया, जिससे अब भारत कामकाजी माताओं का समर्थन करने वाले सबसे प्रगतिशील देशों में शामिल हो गया है.

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