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    राजनांदगांव बना सौर ऊर्जा मॉडल

    रायपुर :  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के राजनांदगांव क्षेत्र में “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के अंतर्गत सौर ऊर्जा क्रांति तेजी से आकार ले रही है। राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों में हजारों परिवार अब अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाकर न केवल स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि बिजली बिलों में भी बड़ी राहत प्राप्त कर रहे हैं। कई उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल अब पूरी तरह शून्य हो चुके हैं। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बन रही है। 

    आवेदन और स्थापना में रिकॉर्ड प्रगति

    राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि योजना के अंतर्गत तीनों जिलों में सौर संयंत्र स्थापना कार्य में रिकॉर्ड प्रगति दर्ज की गई है। अब तक तीनों जिलों से कुल 6 हजार 52 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6 हजार 45 आवेदकों की औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं तथा 5 हजार 670 उपभोक्ताओं ने अपने वेंडर का चयन भी कर लिया है। 

    संयंत्र स्थापना का जिलावार विवरण

    राजनांदगांव जिला में 2 हजार 899 घरों में कुल अनुमानित सक्रिय प्लांट लगभग 3,500, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में 401 घरों में और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के 181 घरों में उपभोक्ताओं को त्वरित स्वीकृति, नेट मीटरिंग तथा सब्सिडी का लाभ उपलब्ध कराने के लिए बिजली कंपनी द्वारा विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। 

    डीबीटी के माध्यम से सीधे हितग्राही के खातों में आ रही सब्सिडी

    योजना के सफल क्रियान्वयन का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि अब तक 2 हजार 406 उपभोक्ताओं को केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जा चुकी है। बिजली कंपनी द्वारा नेट मीटरिंग पूर्ण होते ही सब्सिडी ट्रांसफर की प्रक्रिया को तेज किया गया है। हर महीने मुफ्त बिजली की बड़ी बचत (उत्पादन क्षमता) रूफटॉप सोलर संयंत्र उपभोक्ताओं के लिए दीर्घकालीन आर्थिक बचत का बड़ा माध्यम बन रहे हैं। 

    तकनीकी आंकड़ों के अनुसार सोलर प्लांट की प्रतिमाह उत्पादन क्षमता

    प्लांट की क्षमता प्रति माह अनुमानित बिजली उत्पादन 1 किलोवाट 120 से 150 यूनिट, 2 किलोवाट 240 से 300 यूनिट, 3 किलोवाट 360 से 450 यूनिट सामान्य घरेलू उपयोग वाले परिवारों के लिए यह उत्पादन पूरी तरह पर्याप्त साबित हो रहा है, जिसके कारण उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग समाप्त हो गया है।

    केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी

    प्लांट क्षमता केंद्र सरकार की सब्सिडी, राज्य सरकार की सब्सिडी कुल वित्तीय सहायता 1 किलोवाट 30 हजार रूपए केंद्र सरकार की सब्सिडी और 15 हजार रूपए राज्य सरकार की सब्सिडी कुल मिलाकर  45 हजार रूपए की सब्सिडी हितग्राही को मिल रही है। इसी प्रकार 2 किलोवाट पर 60 हजार रूपए केंद्र सरकार की सब्सिडी और 30 हजार रूपए राज्य सरकार की सब्सिडी कुल मिलाकर 90 हजार रूपए की सब्सिडी औंर 3 किलोवाट या अधिकतम 1 लाख, 08 हजार रूपए की सब्सिडी हितग्राही को दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रमुख सरकारी एवं निजी बैंकों द्वारा बेहद आकर्षक एवं रियायती ब्याज दरों पर आसान ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिसे उपभोक्ता बिजली बिल में होने वाली बचत की राशि से आसान मासिक किश्तों में चुका सकते हैं। 

    वेंडरों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश

    कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने सभी पंजीकृत वेंडरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन उपभोक्ताओं ने आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली हैं, उनके घरों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सोलर प्लांट स्थापना का कार्य तत्काल पूरा किया जाए। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्यपालक निदेशक ने नागरिकों से अपील की है कि वे दीर्घकालीन बिजली बचत और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक पोर्टल
    pmsuryaghar-gov-in
      पर शीघ्र ऑनलाइन आवेदन करें और अपने घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करें।
     

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