श्री राजर्षि अभय समाज के रंगमंच पर प्रभु श्रीराम की लीलाओं का मंचन, संजय शर्मा सहित गणमान्य अतिथियों ने किया शुभारंभ
अलवर। पारसी शैली पर आधारित विश्वविख्यात संस्था श्री राजर्षि अभय समाज की 111वें वर्ष की श्रीरामलीला का भव्य शुभारंभ भगवान श्री गणेश की वंदना के साथ हुआ। संस्था के विशाल रंगमंच पर आयोजित उद्घाटन समारोह में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। पहले दिन सती मोह, दक्ष यज्ञ, राम जन्म का कारण और नारद मोह की लीलाओं का प्रभावी मंचन किया गया, जिसे देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
संत सानिध्य में हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम में श्री श्री 108 गंगादास वेदांती जी महाराज का पावन सानिध्य रहा। राजस्थान सरकार के मंत्री संजय शर्मा मुख्य अतिथि रहे, जबकि संस्था अध्यक्ष पंडित धर्मवीर शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में अलवर नगर निगम की महापौर श्रीमती सुमन अजय अग्रवाल, श्री आदिनाथ जैन शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष अशोक जैन, सुभाष चंद शर्मा और हरीश हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. हरीश गुप्ता उपस्थित रहे। भाजपा अलवर जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, भाजपा खैरथल-तिजारा जिलाध्यक्ष महासिंह चौधरी, समाजसेवी प्रमोद विजय और समाजसेविका श्रीमती मंजू चौधरी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
श्रीरामलीला के प्रायोजक व्यवसायी एवं समाजसेवी कमल झिरीवाल और झाबरमल यादव सहित नगर निगम अलवर के नवनिर्वाचित पार्षद चंद्रकांत शर्मा भी मौजूद रहे। संस्था के संरक्षकों, पदाधिकारियों, सदस्यों, कलाकारों और स्वयंसेवकों ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। इसके बाद महाराज जी और अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का विधिवत शुभारंभ किया।
प्रभु श्रीराम के आदर्श अपनाने का संदेश
अपने आशीर्वचन में गंगादास वेदांती जी महाराज ने कहा कि सभी को प्रभु श्रीराम के जीवन से सामाजिक समरसता और प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
मुख्य अतिथि संजय शर्मा ने संस्था की प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक योगदान की सराहना की। उन्होंने दर्शकों से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
संस्था अध्यक्ष पंडित धर्मवीर शर्मा ने संस्था की गतिविधियों और श्रीरामलीला की परंपरा से अतिथियों एवं दर्शकों को परिचित कराया। उन्होंने बताया कि संस्था वर्ष 1993 से श्रीरामलीला का निशुल्क प्रदर्शन कर रही है। दर्शकों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जाती है और 90 से अधिक कलाकार अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करते हैं।
20 वर्ष बाद फिर गूंजी प्रार्थना
इस वर्ष श्रीरामलीला के संगीत निर्देशक जितेंद्र गुप्ता ने करीब 20 वर्ष बाद संस्था में पहले से गाई जाती रही प्रार्थना “एक तू ही आधार सकल त्रिभुवन को” को फिर से प्रारंभ किया। छोटे-छोटे बच्चों ने मधुर स्वर में प्रार्थना प्रस्तुत की, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
सती मोह और नारद मोह की लीला ने बांधा समां
पहले दिन सती मोह और दक्ष यज्ञ की लीला का प्रभावशाली मंचन किया गया। सती और दक्ष के हृदयस्पर्शी संवादों ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। दक्ष और नारद के संवाद भी दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रहे।
राम जन्म का कारण और नारद मोह की लीला के माध्यम से प्रभु श्रीराम के अवतरण की पृष्ठभूमि तथा भगवान नारायण द्वारा अपने भक्त नारद को विश्वसुंदरी के प्रति मोहित किए जाने की कथा प्रस्तुत की गई। इस प्रसंग में नारद के मोह और भगवान को दिए गए श्राप से जुड़ी लीला का भावपूर्ण प्रदर्शन किया गया।
कलाकारों ने निभाईं प्रभावशाली भूमिकाएं
मंचन में भगवान शंकर की भूमिका मोहित पंडित ने, सती की भूमिका कुमारी लक्षिता ने, कुंभज ऋषि की भूमिका दीपक पंडित ने और दक्ष की भूमिका नवनीत शर्मा ने निभाई। नारद की भूमिका अनुभवी कलाकार वेद शर्मा ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की।
संस्था की महिला कलाकार के रूप में नई प्रतिभा कुमारी अनुष्का जैन ने पहली बार अभिनय करते हुए राजा दक्ष की पत्नी प्रसूति की मार्मिक भूमिका निभाई।
उद्घाटन कार्यक्रम संस्था के महामंत्री राजेंद्र शर्मा की देखरेख में संपन्न हुआ, जबकि श्रीरामलीला का मंचन संस्था के महानिदेशक मनोज गोयल के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम का संचालन संस्था के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कलाकार मुकेश जैन एडवोकेट ने किया।
श्रीरामलीला के समापन के बाद अतिथियों और दर्शकों को प्रसाद वितरित किया गया। दर्शकों ने प्रभु श्रीराम की लीलाओं का भावपूर्ण आनंद लिया।
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