पेंशन और एरियर भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत, एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद पूरी की जांच
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने प्रतापगढ़ जिले के संयुक्त आयुक्त एवं जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक राजीव गर्ग के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में अदालत में चालान पेश कर दिया है। आरोपी पर सातवें वेतनमान के स्थिरीकरण, पेंशन प्रकरण के निस्तारण और एरियर भुगतान के बदले तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
एसीबी के अनुसार आरोपी राजीव गर्ग ने लोक सेवक के पद पर रहते हुए अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए परिवादी से रिश्वत की मांग की थी। आरोप है कि 30 जुलाई 2024 को उन्होंने सातवें वेतनमान के स्थिरीकरण, पेंशन और एरियर भुगतान के एवज में तीन लाख रुपये की मांग की थी।
इसके बाद 3 अगस्त 2024 को प्रतापगढ़ एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
इस मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिम्मत चारण ने की। जांच पूरी होने के बाद शासन सचिवालय, जयपुर से अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई और महानिदेशक कार्यालय से आरोप पत्र जारी किया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उपमहानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में एसीबी चौकी राजसमंद के प्रभारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिम्मत चारण ने 5 अगस्त 2026 को विशिष्ट न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय, प्रतापगढ़ में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया।
एसीबी ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9413502834 पर दी जा सकती है।
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