More
    HomeदेशWhatsApp पर भी सरकार की नजर, Meta के खिलाफ कार्रवाई तेज; भारत...

    WhatsApp पर भी सरकार की नजर, Meta के खिलाफ कार्रवाई तेज; भारत में जुकरबर्ग की टीम को लेकर चर्चा

    नई दिल्ली| केंद्र सरकार और सोशल मीडिया दिग्गज मेटा के बीच भारतीय कानूनों के कड़ाई से पालन को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत का सिलसिला लगातार जारी है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मेटा की वैश्विक (ग्लोबल) टीम अगले कुछ दिनों तक भारत में ही प्रवास करेगी और इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीन से चार और महत्वपूर्ण बैठकें होने की पूरी संभावना है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेटा के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारत के मौजूदा कानूनों, नियमों और दिशा-निर्देशों के पूरी तरह अनुकूल काम कर रहे हैं या नहीं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में कारोबार करने के लिए भारतीय कानूनों का पूर्ण अनुपालन करना सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए अनिवार्य है।

    व्हाट्सऐप के तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर होगी चर्चा

    सरकारी सूत्रों ने बताया कि आगामी बैठकों के दौरान विशेष रूप से व्हाट्सऐप (WhatsApp) से जुड़े विभिन्न तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। इस मामले में मेटा की ओर से पहले ही सार्वजनिक बयान सामने आ चुके हैं। अब दोनों पक्ष तकनीकी ब्यौरों, सिस्टम लॉग्स और अन्य जरूरी कानूनी बिंदुओं पर आमने-सामने बातचीत करेंगे। सरकार का मुख्य मकसद तमाम तथ्यों को बारीकी से समझना और यह पुख्ता करना है कि देश में संचालित होने वाले सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर ही अपनी सेवाएं दें।

    भारतीय कानूनों के दायरे में काम करना अनिवार्य

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत की धरती पर अपनी सेवाएं दे रहे तमाम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का संचालन पूरी तरह से भारतीय कानूनों के प्रावधानों के तहत ही होना चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि दुनिया के किसी भी अन्य देश के कानून के आधार पर भारत के भीतर प्लेटफॉर्म्स का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार हर एक तकनीकी पहलू की गहराई से जांच और समीक्षा कर रही है, ताकि नियमों की अनदेखी न हो। सरकार का यह भी मानना है कि कानून का उपयोग आम नागरिकों के हितों की रक्षा और समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए।

    अन्य प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के संपर्क में भी है सरकार

    इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जब यह सवाल उठा कि क्या केवल मेटा ही सरकार के संपर्क में है, तो सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल मेटा तक सीमित नहीं है, बल्कि 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) और 'टेलीग्राम' जैसे अन्य प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ भी लगातार और नियमित संपर्क में बनी हुई है। सरकार का यह रुख है कि समाज और देश के कानून के प्रति हर डिजिटल इकाई की जवाबदेही तय होनी चाहिए। जिस तरह देश के अन्य संस्थान स्थापित नियमों और कानूनों के तहत काम करते हैं, ठीक उसी तरह सभी विदेशी और स्वदेशी डिजिटल कंपनियों को भी भारतीय कानूनों के अनुरूप ही अपना कामकाज चलाना होगा।

    पारदर्शिता के साथ कानून का पालन है मुख्य उद्देश्य

    विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में होने वाली इन बैठकों में तकनीकी विवरणों और अन्य प्रासंगिक जानकारियों पर चर्चा का दौर जारी रहेगा। सरकार की मंशा किसी एक विशेष कंपनी को निशाना बनाने की बिल्कुल नहीं है, बल्कि उसका एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में काम करने वाला हर एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पूरी पारदर्शिता के साथ देश के कानून का सम्मान करे और उसका पालन करे। इन तमाम बैठकों के बाद आगे की प्रशासनिक व कानूनी प्रक्रिया तकनीकी चर्चाओं और सामने आए तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here