जन परामर्श कार्यक्रम में अरावली क्षेत्र से जुड़े सुझावों पर होगा मंथन, उच्च स्तरीय समिति के समक्ष रखी जाएगी स्थानीय समस्याएं
अलवर। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अनुपालना में गठित उच्च स्तरीय समिति 10 अगस्त तक अरावली क्षेत्र का विस्तृत दौरा करेगी। इसी कड़ी में 7 अगस्त को अलवर के सर्किट हाउस परिसर में जन परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के हितधारक अपने सुझाव और अभ्यावेदन समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे।
खनिज अभियंता मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि जन परामर्श कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा। इसमें अलवर जिले के मंगलवास, तेहड़पुर, उलाहेड़ी, बहाली, भाकरी, मल्लाणा, गोरधनपुरा, कालवाड़, खोहपालपुर और थानादुंदपुरी गांवों के अलावा कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, सीकर और झुंझुनूं जिलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञ, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, खनन पट्टा धारक, परियोजना संचालक, किसान, खनन श्रमिक, स्थानीय निवासी तथा शैक्षणिक और शोध संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ भी भाग लेंगे।
इस जन परामर्श कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अरावली पर्वतमाला से जुड़े पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर विभिन्न पक्षों की राय जानना है। समिति इन सुझावों के आधार पर आगे की रणनीति तय करेगी।
गौरतलब है कि अरावली पर्वतमाला देश की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में शामिल है और पर्यावरण संरक्षण में इसकी अहम भूमिका मानी जाती है। ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर आयोजित यह जन परामर्श कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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