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    ईरान और ओमान के बीच समुद्री रास्ते को लेकर समझौते की तैयारी, जल्द शुरू हो सकता है रूट

    तेहरान: ईरान और ओमान फारस की खाड़ी में जहाजों की सुगम आवाजाही बहाल करने के लिए एक नए अस्थायी समुद्री ट्रांजिट रूट पर जल्द ही समझौता कर सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रैट ऑफ होर्मुज) से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए एक अस्थायी लेन बनाने पर काम जारी है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इस अस्थायी लेन के बनने का मतलब इस जलमार्ग का तत्काल और पूरी तरह से खुलना नहीं होगा।

    होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने के लिए ईरान की शर्तें

    ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि जलमार्ग को पूरी तरह से खोलने के लिए जून में तय की गई शर्तों को पूरा करना होगा। इसमें अमेरिका द्वारा कथित समझौते के उल्लंघन के एवज में मुआवजे की मांग शामिल है। ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम एक महीने से भी कम समय में टूट गया था, जिसके बाद होर्मुज के नियंत्रण पर दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया। ईरान ने स्पष्ट किया है कि ओमान के साथ हो रही इस वार्ता में अमेरिका भागीदार नहीं है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि समुद्री व्यापार बाधित रहा तो ईरान पर नए सैन्य कदम उठाए जा सकते हैं।

    अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटने की संभावना

    ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई नाकाबंदी भी दोनों देशों के बीच गतिरोध का बड़ा कारण बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, यदि ईरान और ओमान वाणिज्यिक जहाजों के लिए इस समझौते की औपचारिक घोषणा करते हैं, तो अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने पर विचार कर सकता है। इस कदम से वैश्विक बाजार में ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर बना दबाव काफी हद तक कम हो सकता है।

    क्षेत्र से विदेशी सेनाओं की वापसी की मांग

    इस दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार अली अकबर विलायती ने मध्य पूर्व से विदेशी सेनाओं को पूरी तरह बाहर निकालने की मांग की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में असुरक्षा की मुख्य वजह विदेशी सैन्य मौजूदगी ही है। विलायती ने जोर देकर कहा कि हालिया घटनाक्रमों ने ईरान की सैन्य शक्ति और जनता के संकल्प को दिखाया है, और क्षेत्रीय सुरक्षा केवल आपसी तालमेल तथा सहयोग से ही संभव है।

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