नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों के नाम एक नया सुभाषित साझा किया है, जिसमें जीवन को लोकहित में समर्पित करने और सकारात्मक विचारों को आत्मसात करने का विशेष संदेश दिया गया है। अपने इस संदेश में उन्होंने समाज को सशक्त, जागरूक और समरस बनाने के लिए सत्य और जनहितकारी सूचनाओं के प्रसार पर जोर दिया है।
कल्याणकारी विचारों और उत्तम आचरण पर जोर
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए सुभाषित में यह रेखांकित किया गया है कि नागरिकों को हमेशा सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक बातें सुननी चाहिए तथा समाज के कल्याण से जुड़े विचारों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। इसके साथ ही, एक स्वस्थ शरीर, उत्तम आचरण और श्रेष्ठ गुणों को अपनाकर अपने जीवन को पूरी तरह से लोकहित के कार्यों में लगाने का आह्वान किया गया है।
साझा किए गए प्राचीन श्लोक और उनका महत्व
इस दौरान प्रधानमंत्री ने वेदों और प्राचीन ग्रंथों से जुड़े श्लोक भी साझा किए हैं, जो प्रकृति, सजगता और परोपकार की भावना को बढ़ावा देते हैं। इससे पहले भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर प्रकृति और सज्जनता के स्वभाव से जुड़े श्लोक साझा किए थे, जिनका उद्देश्य लोगों को नैतिक मूल्यों और निस्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई करने के लिए प्रेरित करना था। इन श्लोकों के माध्यम से मातृभूमि की वंदना और उसकी सेवा करने के संदेश को भी प्रमुखता से सामने रखा गया है।


