बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उझानी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मीहलाल नगला में एक दर्दनाक हादसा हो गया। बृहस्पतिवार को तड़के करीब 5:00 बजे प्रताप सिंह का दो मंजिला पुराना मकान अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया। इस हादसे के वक्त वहां मौजूद उनकी 55 वर्षीय पत्नी अगरवती और चार मवेशी मलबे के नीचे दब गए। गनीमत यह रही कि अगरवती मलबे के बाहरी हिस्से में दबी थीं, जिन्हें आसपास के लोगों ने तुरंत खींचकर बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक उनकी मौके पर ही सांसें थम चुकी थीं। बताया जा रहा है कि वह सुबह के समय पशुओं को खोलने के लिए वहां गईं थीं। इस भीषण हादसे में तीन मवेशियों की भी मौत हो गई है, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
एसडीआरएफ की टीमें और जेसीबी ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
दर्दनाक हादसे की सूचना मिलने के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया। मौके पर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की दो टीमों के साथ-साथ उझानी नगर पालिका से जेसीबी मशीन को तुरंत बुलवा लिया गया। एसडीआरएफ की विशेष टीम ने युद्धस्तर पर मलबा हटाने का कार्य किया, जिसके बाद मलबे के नीचे दबे मृत पशुओं के शवों को बाहर निकाला जा सका। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षतिग्रस्त मकान में कोई परिवार नहीं रहता था, लेकिन मकान का अगला हिस्सा काफी समय से जर्जर और दरका हुआ था। लगातार हो रही बारिश से भीगने के कारण इमारत की दीवारें और कमजोर हो गईं, जिसकी वजह से यह अचानक ढह गई।
दूसरे भाई का घर भी क्षतिग्रस्त, परिवार में मचा कोहराम
इस दुर्घटना की चपेट में केवल मुख्य मकान ही नहीं आया, बल्कि प्रताप सिंह के छोटे भाई नन्हे का मकान भी इस हादसे की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया है। मृतका के बेटे विपिन ने रोते हुए बताया कि उनकी मां सुबह के वक्त पशुओं को खोलने के लिए उस तरफ गई थीं और तभी यह अप्रत्याशित हादसा हो गया।
प्रभावित प्रताप सिंह इस पुराने मकान के ठीक पास में बने अपने दूसरे नए मकान में परिवार के साथ निवास करते हैं। घर की महिला सदस्य की इस तरह अचानक हुई दर्दनाक मौत के बाद से पूरे परिवार में मातम छाया हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


