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    माइनस 40 डिग्री तापमान में भी चलेगी बैटरी, चीन का बड़ा तकनीकी दावा

    बीजिंग: चीन के शोधकर्ताओं ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए अत्याधुनिक हाई-एनर्जी लिथियम बैटरी का निर्माण किया है। यह अनूठी तकनीक न केवल दीर्घकालिक बैकअप देने में सक्षम है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत तीव्र ऊर्जा (थ्रस्ट) भी प्रदान कर सकती है। इस बैटरी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस नीचे (-40°C) के हाड़ कंपा देने वाले तापमान में भी पूरी क्षमता के साथ कार्य करने में सक्षम है, जिससे इसे अत्यंत दुर्गम और ठंडे इलाकों के लिए एक बड़ी तकनीकी क्रांति माना जा रहा है।

    तकनीकी क्षमता और बेजोड़ प्रदर्शन

    इस नई बैटरी की पावर डेंसिटी 750 वाट-घंटे प्रति किलोग्राम है और सामान्य तापमान पर इसकी स्पेसिफिक पावर 4487 वाट प्रति किलोग्राम तक दर्ज की गई है। अत्यधिक ठंड में अक्सर पारंपरिक बैटरियों की कार्यक्षमता गिर जाती है, परंतु यह बैटरी -40°C के वातावरण में भी 447 वाट-घंटे प्रति किलोग्राम की हाई एनर्जी डेंसिटी के साथ निरंतर कार्य करती रहती है। कैथोड मटीरियल में विशेष हाई-एंट्रोपी ऑक्साइड के उपयोग से निर्मित यह एक प्राइमरी (गैर-रिचार्जएबल) बैटरी है। इसकी खासियत यह है कि यह किसी भी उपकरण को सामान्य से 100 गुना अधिक तेजी से हाई-करंट पावर दे सकती है। इसके अलावा, इसका सालाना सेल्फ-डिस्चार्ज रेट 1 प्रतिशत से भी कम है, जिससे इसे बिना इस्तेमाल किए वर्षों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

    विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगिता

    इस तकनीक के सफल तीसरे पक्ष (थर्ड-पार्टी) परीक्षण के बाद अब इसे आधुनिक उपकरणों पर परखा जा रहा है। यह बैटरी आर्कटिक या सियाचिन जैसे बर्फीले सीमावर्ती क्षेत्रों, सैन्य अभियानों के संचार उपकरणों, नाइट-विज़न कैमरों और वॉकी-टॉकी के लिए संजीवनी साबित होगी। साथ ही, लंबी दूरी तय करने वाले ड्रोन्स, अंतरिक्ष अभियानों, सैटेलाइट्स, आपदा प्रबंधन उपकरणों, मेडिकल इमरजेंसी तथा समुद्र व जंगलों में तैनात मौसम सेंसर्स के संचालन में यह तकनीक क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है।

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