लंदन: दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में जारी भारी अनिश्चितताओं और उथल-पुथल के बीच देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक बार फिर अपनी वैश्विक साख का डंका बजाया है। बैंक ने अपनी लंदन शाखा के माध्यम से 50 करोड़ डॉलर यानी 500 मिलियन डॉलर मूल्य के 'रेगुलेशन एस' बॉन्ड का सफलतापूर्वक मूल्य निर्धारण पूरा कर लिया है। इस बड़ी उपलब्धि को देश की आर्थिक मजबूती और एसबीआई की साख पर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के गहरे भरोसे का बड़ा प्रतीक माना जा रहा है।
बॉन्ड की ब्याज दर और प्रमुख एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स
एसबीआई के इस नए अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड की वार्षिक कूपन या ब्याज दर 5.25 प्रतिशत तय की गई है। इस पूरी वित्तीय प्रक्रिया को बैंक की लंदन शाखा के जरिए विदेशी ऋण बाजार में पूरा किया गया। इस बॉन्ड के दाम को 5-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी दर के आधार पर बेंचमार्क किया गया था, जिसे बेहद शानदार तरीके से केवल 88 बेसिस पॉइंट के कड़े स्प्रेड पर तय किया गया। इस पूरी औपचारिकता के बाद इस ऋण साधन को सिंगापुर के SGX-ST के साथ-साथ देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों—India INX और NSE-IX पर सूचीबद्ध किया जाएगा।
विदेशी निवेशकों में जबरदस्त उत्साह और कम हुई ब्याज लागत
अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस बॉन्ड को लेकर निवेशकों में इस कदर होड़ मची कि बैंक को उम्मीद से कहीं अधिक बोलियां हासिल हुईं। विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के बड़े संस्थागत निवेशकों ने इसे खरीदने में गहरी रुचि दिखाई, जिससे बुक बिल्डिंग के दौरान कुल बोलियों का आंकड़ा 2.46 अरब डॉलर तक पहुंच गया और इसमें कुल 145 वैश्विक निवेशकों ने हिस्सा लिया। निवेशकों की इस भारी भीड़ को देखते हुए बैंक ने शुरुआती मूल्य मार्गदर्शन को ट्रेजरी दर +120 बेसिस पॉइंट से घटाकर सीधे ट्रेजरी दर +88 बेसिस पॉइंट पर ला दिया, जिससे एसबीआई को अपनी ब्याज लागत में 32 बेसिस पॉइंट की सीधी बचत का लाभ मिला है।
रेटिंग्स का स्तर और चेयरमैन का बयान
इस बॉन्ड की मजबूती और विश्वसनीयता को परखते हुए देश-विदेश की जानी-मानी रेटिंग एजेंसियों ने इसे ठोस निवेश ग्रेड रेटिंग दी है। एसएंडपी (S&P) ने इसे 'बीबीबी' (BBB), फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने इसे 'बीबीबी-' (BBB-) और घरेलू-वैश्विक एजेंसी केयरएज ग्लोबल (CareEdge Global) ने इसे 'बीबीबी+/स्टेबल' (BBB+/Stable) रेटिंग से नवाजा है।
इस ऐतिहासिक सफलता पर बात करते हुए एसबीआई के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में 500 मिलियन डॉलर का यह सफल सौदा अंतरराष्ट्रीय बाजार में बैंक के बॉन्ड के प्रति निवेशकों की मजबूत भूख को साबित करता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह बॉन्ड आरबीआई की स्वैप विंडो घोषणा के बाद से किसी भी भारतीय सार्वजनिक बॉन्ड जारीकर्ता द्वारा सबसे कड़े स्प्रेड पर तय हुआ है, जो देश के अन्य संस्थानों के लिए भी कर्ज की लागत को नियंत्रित रखने में काफी मददगार साबित होगा।
नडील को सफल बनाने वाले प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्था
इस बड़े पैमाने के अंतरराष्ट्रीय सौदे को सफलतापूर्वक मुकाम तक पहुंचाने के लिए दुनिया भर के कई दिग्गज और प्रतिष्ठित बैंकों ने ज्वाइंट बुक रनर्स के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाई। इस विशेष समूह में बीएनपी पारिबा, सिटीग्रुप, क्रेडिट एग्रीकोल सीआईबी, एमिरेट्स एनबीडी बैंक पीजेएससी, एचएसबीसी, एमयूएफजी और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक जैसे विश्वस्तरीय वित्तीय संस्थान प्रमुख रूप से शामिल रहे।


