जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सुजानगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव से जुड़ी हैरान कर देने वाली प्रेम कहानी सामने आई है। अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर एक नई जिंदगी बसाने की चाह में निकली एक युवती को प्रयागराज पहुंचते ही उसके प्रेमी ने धोखा दे दिया और अपने फैसले से पीछे हट गया। इसके बाद वह अकेले ही ट्रेन पकड़कर कानपुर पहुंच गई, जहां एक मंदिर में रहने के दौरान उसकी मुलाकात एक सपेरे से हुई और समय के साथ दोनों ने आपस में विवाह कर लिया। लगभग डेढ़ साल से लापता चल रही यह युवती आखिरकार कानपुर में अपने नए पति और पांच महीने की एक मासूम बच्ची के साथ सुरक्षित मिल गई है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) तक जा पहुंचा था, जहां गुमशुदगी की जांच के सिलसिले में एक अज्ञात युवती के शव का डीएनए परीक्षण तक करवाया गया था।
क्या है पूरा सनसनीखेज मामला?
पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, सुजानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती का प्रेम प्रसंग गांव के ही दूसरे समुदाय के एक युवक के साथ चल रहा था। जब उनके इस रिश्ते की भनक परिवार वालों को लगी, तो दोनों ने अपने घर-परिवार को छोड़कर कहीं दूर जाकर साथ रहने की योजना बनाई। पूर्व निर्धारित योजना के तहत 1 जनवरी 2025 को युवती अपने घर से चुपचाप निकलकर सीधे प्रयागराज पहुंची, लेकिन वहां पहुंचते ही प्रेमी डर गया और उसने अपनी प्रेमिका का साथ देने से इनकार कर दिया। इसके बाद लोक-लाज के डर से युवती अपने घर वापस लौटने के बजाय ट्रेन में बैठकर कानपुर चली गई। इधर, परिजनों ने युवती के गायब होने पर उस युवक पर संदेह जताते हुए स्थानीय थाने में अपहरण व गुमशुदगी की प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी थी।
कानपुर के मंदिर में हुई सपेरे से मुलाकात
उधर, कानपुर पहुंचने के बाद युवती भटकते हुए एक प्राचीन मंदिर में जा रुकी। वहां उसकी मुलाकात एक स्थानीय ई-रिक्शा चालक से हुई, जिसे उसने अपनी सारी परेशानी रोते हुए बताई। उस चालक ने दरियादिली दिखाते हुए उसे अपना फोन इस्तेमाल करने के लिए दिया, जिसके जरिए युवती ने अपने घर पर कॉल तो किया, लेकिन डर के मारे किसी से कोई बात नहीं की। बाद में उसने अपने उसी प्रेमी को फोन करके कानपुर आने और अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, चालाक प्रेमी ने वह सारी बातचीत चुपचाप रिकॉर्ड कर ली और तुरंत पुलिस को सौंप दी, साथ ही युवती के कानपुर में होने की गुप्त सूचना उसके परिजनों को भी दे दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला, डीएनए टेस्ट तक की हुई नौबत
इस बीच, प्रेमी पक्ष के लोगों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus) दाखिल की गई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए युवक को राहत दी और पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि युवती को जल्द से जल्द खोजकर बरामद किया जाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उस ई-रिक्शा चालक को ढूंढ निकाला, जिसने युवती की मदद की थी। चालक ने पुलिस को बताया कि युवती एक दिन उसके घर पर रुकी थी और फिर वहां से कहीं चली गई।
पुलिस ने मंदिर और उसके आसपास के तमाम इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। मामला अदालत में होने के कारण पुलिस ने ई-रिक्शा चालक का नार्को टेस्ट कराने तक की पूरी कानूनी तैयारी शुरू कर दी थी। इसी बीच, कानपुर में एक बोरे के भीतर अज्ञात युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने एहतियात के तौर पर उस शव का डीएनए टेस्ट भी कराया, लेकिन वह लापता युवती का नहीं निकला।
इसके बाद पुलिस ने गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल पर युवती की तस्वीर अपलोड कर उसकी नए सिरे से खोजबीन तेज कर दी। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक दिशा-निर्देशों में भी ऐसे पोर्टल्स के इस्तेमाल का विशेष उल्लेख है और गुमशुदा व्यक्तियों की दस्तयाबी के लिए इसके उपयोग को लगातार बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसी पोर्टल की मदद से आखिरकार युवती कानपुर में एक सपेरे के साथ सकुशल मिल गई।
पति और पांच माह की बच्ची के साथ लौटी युवती
इस पूरे मामले की विवेचना कर रही सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने मीडिया को जानकारी दी कि जब पुलिस ने युवती को बरामद कर उसके बयान दर्ज किए, तो उसने बताया कि मंदिर में रहने के दौरान ही उसकी पहचान एक सपेरे से हुई थी। वह उसे अपने साथ अपने घर ले गया, जहां वह उसके परिवार के साथ घुल-मिलकर रहने लगी। कुछ समय बीतने के बाद दोनों ने आपसी सहमति से शादी कर ली। इस दौरान वह अपने नए पति के साथ पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र समेत देश के अन्य कई राज्यों में भी घूमने गई थी। वर्तमान में वह पांच माह की एक स्वस्थ बच्ची की मां बन चुकी है। पुलिस ने युवती के अदालत और थाने में विधिवत बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।


