श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर): भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में देशभक्ति का एक बेहद अनूठा और मनमोहक नजारा देखने को मिला। गुजरात के अहमदाबाद शहर से घूमने आए एक पर्यटक अरुण हरयाणी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर श्रीनगर के प्रसिद्ध लाल चौक पर अपने पूरे शरीर को तिरंगे के रंगों में रंग लिया और शान से राष्ट्रीय ध्वज लहराया।
मीडिया से बातचीत करते हुए पर्यटक अरुण हरयाणी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "मैं इस पावन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूँ। मैं हर साल यहां घूमने आता हूँ और हर गुजरते वर्ष के साथ मैं इस क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देख रहा हूँ। अब कश्मीर में आधुनिक वंदे भारत ट्रेनें पहुंच चुकी हैं और यहां दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब ब्रिज भी मौजूद है। मैं यहां आकर हमेशा शांति और भाईचारे का संदेश फैलाता हूं। आज कश्मीर लगातार तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2030 में जब भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) आयोजित होंगे, तो मैं देश के सभी खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए अभी से प्रोत्साहित करता हूँ। मुझे यहां कश्मीर में स्थानीय लोगों से बहुत अधिक प्यार और सम्मान मिल रहा है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से फहराया राष्ट्रीय ध्वज
दूसरी ओर, देश की राजधानी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से गरिमामयी माहौल में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। आज स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर लाल किले पर ध्वजारोहण करने के उपरांत प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों की भव्य परेड की सलामी ली। प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार देशवासियों को संबोधित किया। उनका यह राष्ट्रव्यापी संबोधन लगभग 76 मिनट तक चला, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान देश में हुए चहुंमुखी विकास और प्रगति का विस्तार से जिक्र किया।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवा वर्ग के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण ऐलान किए। उन्होंने युवाओं को 'विकसित भारत' की सबसे बड़ी और ऊर्जावान ताकत बताते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) और खेल जगत में युवाओं के लिए अवसरों का दायरा तेजी से बढ़ाया है। आने वाले एक वर्ष के भीतर एक करोड़ नौजवानों को एआई स्किल से लैस करने, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का एक बड़ा डिजिटल नेटवर्क खड़ा करने तथा 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों में जमीनी खेल प्रतिभा को तलाशने के लिए देश के गांव-गांव और स्कूल-स्कूल स्तर पर 'टैलेंट हंट' अभियान चलाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार का मुख्य संकल्प यह है कि देश के युवाओं को कभी भी संसाधनों की कोई कमी न खटके और वे भविष्य में हर क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम बनें।


