बस्ती । दुबौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 वर्षीय किशोरी आरती की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पिता दुर्गा प्रसाद ने शुक्रवार को ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी पुत्री की मौत की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई और शव को कब्र से निकालकर पुनः पोस्टमार्टम कराने की मांग किया है।
जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में दुर्गा प्रसाद ने कहा है कि वे दुबौलिया क्षेत्र के उभाई के निवासी हैं। उनके पड़ोसी पूजा पत्नी दुर्गा दास, झिनकारी पत्नी स्वर्गीय बहाऊ, उमा पत्नी श्री नारायण तथा राम भरास पुत्र स्वर्गीय बहाऊ जमीन विवाद को लेकर आए दिन उनके और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देते थे। गत 3 अगस्त 2026 की सुबह करीब नौ बजे दुर्गा प्रसाद अपनी पत्नी और दो बच्चों को लेकर आधार बनवाने के लिए हर्रैया चले गए थे। उस समय घर पर उनकी 14 वर्षीय पुत्री आरती अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान उक्त पड़ोसी घर पर पहुंचे और उनकी पुत्री की हत्या कर दी। आरोप है कि शव को दुपट्टे में बांधकर बांस के सहारे खड़ा कर दिया गया, जिससे प्रथम दृष्टया घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। दुर्गा प्रसाद के अनुसार घटना के समय हल्ला और चीख-पुकार की आवाज गांव के लोगों ने सुनी थी। कुछ लोगों ने आरोपियों को उनके घर पर आते-जाते भी देखा था। जब वह दोपहर में भोजन करने के लिए घर पहुंचे तो घर का सामान बिखरा हुआ था। उन्होंने बताया कि घर में पैरों के निशान भी मिले तथा उनकी पुत्री के बाल बिखरे हुए और कपड़े फटे हुए थे। हाथ में चोट का निशान भी था। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि उन्होंने दुपट्टा खोलकर अपनी पुत्री को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान गांव के कई लोगों ने घटना को देखा तथा बच्ची की मौत की बात कही। इसके बाद शव को मंदिर के पास रखकर थाना दुबौलिया को सूचना दी गई।
पीड़ित पिता का आरोप है कि थाने में उनके द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र को बदलकर घटना को आत्महत्या का रूप दे दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद जल्दबाजी में शव को धमकी देकर दफन करवा दिया गया तथा उनकी और गांव के लोगों की बात नहीं सुनी गई। इससे उन्हें पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है।
दुर्गा प्रसाद ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी पुत्री आरती की मौत के वास्तविक कारणों की जांच कराई जाए और प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच कराकर अपनी पुत्री को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
डीएम को सम्बोधित पत्र सौंपने के दौरान मुख्य रूप से अवधेश, संजय कुमार, मंगल, बाल गोविन्द, लैलू, फूलादेवी, मीना देवी, लालमती, कुसुमा देवी, अजोरा, दुलारपाती, रेशमा, राधा, गुडिया, झिनका देवी, चिंगारी, निर्मला, सुनीता, गुंजा, रेखा, कुसमा, शुकलावती, परीता, सरिता के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
पुत्री की हत्या का आरोपः पिता ने डीएम से किया कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम, जांच, कार्रवाई की मांग


