गोरखपुर: आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने पूर्वांचल के राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए एक बड़ा और रणनीतिक सियासी दांव चला है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में गोरखपुर क्षेत्र से बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव, राज्यसभा सांसद संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री और देवरिया के शिवानंद द्विवेदी को सोशल मीडिया का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति
जब से गोरक्षपीठ के महंत योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, तब से गोरखपुर राज्य की मुख्य राजनीतिक धुरी के रूप में उभरा है। इस बार इस क्षेत्र से एक साथ तीन बड़े चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए हरीश द्विवेदी बस्ती जिले से ताल्लुक रखते हैं, जो अवध और गोरखपुर का मध्य बिंदु माना जाता है। यह पूरा इलाका ब्राह्मण बहुल है और राजनीतिक रूप से इस वर्ग का यहां गहरा प्रभाव है। इसके अलावा, पिछड़ा वर्ग से आने वाली संगीता यादव को राष्ट्रीय जिम्मेदारी देकर पार्टी ने एक बड़े वर्ग को साधने का प्रयास किया है, जबकि ब्राह्मण समुदाय से आने वाले शिवानंद द्विवेदी को सोशल मीडिया के राष्ट्रीय सह-संयोजक की कमान सौंपी गई है।
प्रमुख नेताओं का राजनीतिक सफर
हरीश द्विवेदी: 22 अक्टूबर 1973 को जन्मे हरीश द्विवेदी ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में एमए की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एबीवीपी से की और बाद में भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष का पद भी संभाला। वे 2014 और 2019 में बस्ती लोकसभा सीट से सांसद रहे हैं और वर्तमान में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की अहम जिम्मेदारी मिली है।
संगीता यादव: मुंबई के बोरीवाली में 20 जुलाई 1981 को जन्मीं संगीता यादव ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री ली है। वर्ष 2017 में वे चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनी गईं और 2022 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद बनीं। अब उन्हें पार्टी ने राष्ट्रीय मंत्री बनाया है।
शिवानंद द्विवेदी: देवरिया के सजांव गांव के रहने वाले शिवानंद लंबे समय से पार्टी की चुनावी रणनीति, सोशल मीडिया और पॉलिटिकल कम्युनिकेशन की गतिविधियों में सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं।
डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल की भूमिका पर टिकी निगाहें
पूर्व में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल को संगठन दायित्व से मुक्त किए जाने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि पार्टी उन्हें क्या नई भूमिका सौंपती है। इससे पहले उन्हें कर्नाटक चुनाव प्रभारी और राजस्थान भाजपा प्रभारी जैसी बड़ी जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं। भाजपा इससे पहले भी गोरखपुर क्षेत्र के कई नेताओं जैसे शिवप्रताप शुक्ल, कमलेश पासवान और अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारियों के माध्यम से विभिन्न जातियों—विशेषकर सैंथवार, क्षत्रिय, भूमिहार और दलित वर्गों—को पार्टी से जोड़ती रही है।
स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल
नवनियुक्त पदाधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर गोरखपुर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सांसद रवि किशन शुक्ला, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कामेश्वर सिंह और रमेश सिंह सहित तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सभी को शुभकामनाएं दी हैं। नेताओं ने विश्वास जताया है कि इन नियुक्तियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पार्टी के मार्गदर्शन में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।


