नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रहने वाले बाहरी आवेदकों को नागरिकता देने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। गृह मंत्रालय ने गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा (आदिवासी इलाकों को छोड़कर) के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के जिलाधिकारियों (डीएम) को इस संबंध में विशेष अधिकार सौंप दिए हैं।
जिलाधिकारियों को मिली शक्तियां
नए आदेश के तहत, अब संबंधित जिलों के जिलाधिकारी भारत के बाहर जन्मे पात्र और योग्य आवेदकों को भारतीय नागरिकता प्रदान कर सकेंगे। यह सुविधा उन लोगों के लिए होगी जो आमतौर पर इन क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं।
प्रक्रिया होगी आसान और तेज
इस कदम से नागरिकता प्रमाण पत्र पाने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्वरित होने की उम्मीद है। पहले आवेदकों को लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही आवेदनों की जांच और मंजूरी संभव हो सकेगी।


