नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए गेहूं से निर्मित उत्पादों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत अब गेहूं और मेस्लिन आटा, मैदा, सूजी, होलमील आटा व मिश्रित आटे के निर्यात की अनुमति दे दी गई है।
2022 से लागू प्रतिबंधों को वापस लिया
उल्लेखनीय है कि मई 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर खाद्यान्न की आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसके बाद घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अगस्त 2022 में गेहूं के आटे और अन्य सह-उत्पाद के निर्यात को भी प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया गया था। अब स्थिति सामान्य होने पर यह रोक हटा ली गई है।
रिकॉर्ड उत्पादन बना राहत की वजह
देश में गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता और बंपर पैदावार के अनुमानों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। कृषि आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 के सीजन में खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 37.65 करोड़ टन रहने का अनुमान जताया गया है। इसमें गेहूं का कुल उत्पादन 12.06 करोड़ टन और चावल का उत्पादन 15.40 करोड़ टन रहने की संभावना है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है।
किसान और निर्यातक वर्ग को मिलेगा बड़ा लाभ
निर्यात नीति में ढील मिलने से भारतीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फिर से अपनी पकड़ मजबूत करने का बड़ा अवसर मिलेगा।


