जालंधर: नगर निगम हाउस की बैठक के दौरान गतिरोध और भारी व्यवधान देखने को मिला। पार्षदों द्वारा अपने क्षेत्रों में विकास कार्य रुके होने की बात उठाए जाने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके चलते बैठक की कार्यवाही प्रभावित हुई।
बैठक के दौरान गतिरोध
चर्चा के दौरान विभिन्न पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों के रुके हुए कार्यों को लेकर अपनी बात रखने का प्रयास किया। इस प्रक्रिया के बीच में ही अन्य पार्षदों द्वारा दखल दिए जाने के कारण सदन में माहौल गरमा गया और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
प्रस्तावों का तेजी से पारित होना
हंगामे की स्थिति के बीच ही सदन की बैठक में प्रस्तुत किए गए सभी प्रस्तावों को बहुत कम समय में पारित घोषित कर दिया गया। इस त्वरित प्रक्रिया के कारण कई पार्षद अपनी समस्याएं और सवाल सदन के सामने नहीं रख सके।
विपक्ष का कड़ा विरोध
कार्रवाई के इस तरीके से नाराज होकर विपक्षी पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास किया गया है और बिना किसी संतोषजनक जवाब के प्रस्ताव पास किए गए हैं, जिसके चलते सदन में काफी देर तक रोष बना रहा।


