अलवर जंक्शन पर स्वर्ण जयंती राजधानी के ठहराव की मांग पर वाणिज्य विभाग से मांगा औचित्य
अलवर। अलवर जंक्शन पर 12957/12958 साबरमती–नई दिल्ली स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग को लेकर रेल विकास संघर्ष समिति, अलवर (RVSS) के प्रयासों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। रेलवे ने समिति की मांग पर प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए प्रस्ताव का वाणिज्यिक औचित्य उपलब्ध कराने के लिए वाणिज्य विभाग, जयपुर को पत्र भेजा है।
जयपुर मंडल कार्यालय की ओर से 24 अगस्त 2026 को जारी पत्र में बताया गया कि अलवर स्टेशन पर स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव के प्रस्ताव पर वाणिज्यिक औचित्य मांगा गया है। रेलवे के अनुसार वाणिज्य विभाग से सकारात्मक जवाब मिलने के बाद प्रस्ताव को परिचालनिक दृष्टि से जांचा जाएगा। यदि प्रस्ताव परिचालन की दृष्टि से व्यवहार्य पाया जाता है तो नियमानुसार आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
समिति ने रेलवे की पहल को बताया महत्वपूर्ण कदम
RVSS अध्यक्ष कमल कान्त खड़िया ने कहा कि अभी राजधानी एक्सप्रेस के अलवर ठहराव को स्वीकृति नहीं मिली है, लेकिन रेलवे द्वारा प्रस्ताव को वाणिज्य विभाग तक भेजना निश्चित रूप से सकारात्मक और महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि समिति अब अलवर के यात्री आवागमन, यात्री आय, औद्योगिक गतिविधियों, पर्यटन महत्व तथा अलवर से गुजरात और पश्चिम भारत के बीच यात्री मांग से जुड़े आंकड़े रेलवे के समक्ष प्रस्तुत करेगी, ताकि प्रस्ताव का वाणिज्यिक औचित्य मजबूती से रखा जा सके।
5.73 करोड़ रुपये यात्री आय का हवाला
समिति के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे की 1 जून 2025 से 31 मई 2026 तक की UTS एवं PRS स्टेशनवार आय रिपोर्ट में अलवर जंक्शन की यात्री आय करीब 5.73 करोड़ रुपये रही। समिति का कहना है कि अलवर की स्थिति को देखते हुए राजधानी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव यहां होना यात्रियों के हित में होगा।
अलवर को समिति ने NCR क्षेत्र के महत्वपूर्ण शहर, जिला मुख्यालय, औद्योगिक केंद्र और पर्यटन स्थल के रूप में बताते हुए कहा कि यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दिल्ली-NCR, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात सहित अन्य क्षेत्रों में आवागमन करते हैं।
भिवाड़ी, नीमराना और तिजारा को भी मिलेगा लाभ
RVSS के अनुसार राजधानी एक्सप्रेस के अलवर में ठहराव से केवल अलवर शहर ही नहीं, बल्कि भिवाड़ी, नीमराना, खुशखेड़ा, तिजारा और आसपास के NCR क्षेत्रों के यात्रियों को भी फायदा मिलेगा।
समिति का मानना है कि अलवर में ठहराव मिलने से अहमदाबाद और गुजरात सहित पश्चिम भारत से बेहतर रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे क्षेत्र के व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
अब वाणिज्यिक रिपोर्ट और परिचालनिक व्यवहार्यता पर नजर
रेलवे की प्रक्रिया के अगले चरण में वाणिज्य विभाग की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। सकारात्मक वाणिज्यिक औचित्य मिलने के बाद प्रस्ताव की परिचालनिक व्यवहार्यता का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव को आगे स्वीकृति के लिए संबंधित स्तर पर भेजे जाने की संभावना होगी।
RVSS अध्यक्ष कमल कान्त खड़िया ने कहा कि समिति रेलवे अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के साथ लगातार संपर्क में रहेगी। उन्होंने कहा कि अलवर को उसका उचित रेल अधिकार दिलाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
रेल विकास संघर्ष समिति ने रेलवे की ओर से मांग पर प्रक्रिया शुरू किए जाने का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस का अलवर जंक्शन पर ठहराव मंजूर होगा।
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