श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के प्रतिशोध में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) ने बड़ा खुलासा किया है। इस सैन्य अभियान के तहत सीमा पार आतंकियों और उनके बुनियादी ढांचों को तबाह किया गया था। पूर्व CDS के ताजा बयान के बाद अब पाकिस्तान स्थित रणनीतिक किराना हिल्स को लेकर जारी अटकलों और नई चर्चाओं पर विराम लगता दिख रहा है।
किराना हिल्स पर हमले की हकीकत आई सामने
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किराना हिल्स को निशाना बनाए जाने के दावों को खारिज करते हुए पूर्व CDS ने आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने साफ किया कि भारतीय सेना ने किराना हिल्स या वहां स्थित किसी भी परमाणु ठिकाने पर हमला करने की कोई योजना नहीं बनाई थी। उन्होंने बताया कि निशाने की तलाश में भेजा गया भारत का लोइटरिंग म्यूनिशन (ड्रोन) अपना तय टारगेट न मिलने के कारण संभवतः उन पहाड़ियों से जा टकराया था, जिसके बाद उठे धुएं की तस्वीरों को पाकिस्तानी मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया।
सटीक रणनीति और रणनीतिक ठिकानों पर प्रहार
सैन्य रणनीति पर विस्तार से बात करते हुए पूर्व अधिकारी ने बताया कि इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि दुश्मन की क्षमता और उसके महत्वपूर्ण सैन्य ढांचे को करारा नुकसान पहुंचाना था। भारतीय सेनाओं ने योजनाबद्ध तरीके से सटीक हमला बोलते हुए पाक समर्थित आतंकियों के मुख्य ठिकानों को ध्वस्त किया था।
सैन्य अभियान के दायरे पर नई अंतरराष्ट्रीय बहस
पूर्व CDS के इस खुलासे के बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत द्वारा निशाना बनाए गए ठिकानों के वास्तविक दायरे को लेकर रक्षा विशेषज्ञों के बीच नई बहस छिड़ गई है। इस बयान ने न केवल उस समय की परिस्थितियों पर से पर्दा उठाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि भारतीय सेना ने रणनीतिक संयम और सटीकता के साथ इस बड़े जवाबी ऑपरेशन को अंजाम दिया था।


