रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी समेत पूरे प्रदेश में अवैध बीज भंडारण और कीटनाशकों की कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला और राज्य स्तरीय टीमों ने विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इसी कड़ी में तिल्दा के ग्राम बरतोरी-2 स्थित 'ग्रीन इंडिया केयर' पर छापा मारकर 1,000 किलोग्राम से अधिक अवैध कीटनाशक दवाएं जब्त की गई हैं। विभाग ने उक्त दवाओं की बिक्री पर तत्काल रोक लगाते हुए सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
दुकानों और गोदामों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
कृषि विभाग की टीम द्वारा 10 से अधिक केंद्रों और गोदामों का निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कदम उठाए गए हैं। विभागीय कार्रवाई का ब्योरा इस प्रकार है:
मेसर्स सुंदरम बीज भंडार (आरंग): लाइसेंस निलंबित।
प्रयाग कृषि केंद्र (धरसींवा): बिक्री पर तत्काल रोक।
इंदु कृषि सेवा केंद्र (आरंग): बिक्री पर प्रतिबंध।
मिश्रा कृषि केंद्र (अभनपुर): बिक्री पर रोक।
महानदी बीज भंडार (आरंग): कारण बताओ नोटिस जारी।
मेसर्स सिद्धि एग्रोटेक व शौर्य ट्रेडर्स (इंद्रप्रस्थ): बिक्री पर रोक।
रविंद्र कुमार मित्तल गोदाम (टाटीबंध): उर्वरक नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई।
मेसर्स पुलकित बायो फर्टिलाइजर प्रा.लि.: अवैध स्टॉक जब्त।
गुणवत्ता से खिलवाड़ पर निरस्त होंगे लाइसेंस
कृषि विभाग रायपुर के उप संचालक सतीश अवस्थी ने बताया कि खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। बिना अनुमति भंडारण, तय दरों से अधिक मूल्य वसूलने और घटिया उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। लैब रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि होते ही संबंधित दुकानदारों के लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


