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    पहले युवकों से मारपीट, फिर पुलिस पर हमला, जबलपुर में बदमाशों का आतंक

    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के खमरिया थाना क्षेत्र में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ आरोपियों ने पहले चार युवकों के साथ जमकर मारपीट की और उनकी कार में तोड़फोड़ मचाई। इसके बाद शातिरों ने खुद ही डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को मौके पर बुलाया और ड्यूटी पर पहुंचे आरक्षक के साथ भी बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मी की वर्दी तक फाड़ दी और उनकी नेम प्लेट तोड़ दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद प्रताड़ित आरक्षक ने अपना तबादला माँगा, लेकिन उल्टे वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें लाइन अटैच कर दिया।

    इंदौर से त्यौहार पर आए युवक और उसके साथियों पर हमला

    नारायण धाम निवासी आशीष कुशवाहा, जो इंदौर की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, रक्षाबंधन का पर्व मनाने घर आए थे। वे अपने भाई अंशुल और दो दोस्तों के साथ आमाखोह से लौट रहे थे। सगनहाई के समीप सत्यम यादव और उसके साथियों ने उनकी गाड़ी रोककर अनस नामक युवक को बाहर निकलने को कहा और हमला बोल दिया। बीच-बचाव करने पर चारों युवकों की जमकर पिटाई की गई और कार के कांच फोड़ दिए गए। पीड़ित किसी तरह जान बचाकर अपने घर पहुंचे, लेकिन आरोपी पीछा करते हुए उनके घर तक आ पहुंचे। उन्होंने परिजनों से गाली-गलौज करते हुए पत्थरों से कार को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

    पुलिस को कॉल कर खुद बुलाया और की मारपीट

    युवकों को निशाना बनाने के बाद शातिर आरोपियों ने खुद ही चोरी की झूठी सूचना देकर डायल 112 पर कॉल किया। सूचना मिलते ही जब आरक्षक नरेश कुमार अकेले मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने अन्य पुलिस स्टाफ के न होने का फायदा उठाया। देखते ही देखते 25 से 30 लोगों की भीड़ ने आरक्षक को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने आरक्षक की वर्दी फाड़ डाली और नेम प्लेट उखाड़ दी।

    सिपाही ने मांगा तबादला, पुलिस ने कर दिया लाइन अटैच

    भीड़ के चंगुल से जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर निकले आरक्षक नरेश कुमार ने तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। इस भयावह घटना से आहत होकर उन्होंने अपना तबादला किसी अन्य स्थान पर करने की गुहार लगाई। हालांकि, मामले में उचित कार्रवाई करने और आरोपियों को पकड़ने के बजाय पुलिस विभाग ने जांच का हवाला देते हुए उल्टे पीड़ित आरक्षक को ही लाइन अटैच कर दिया, जिससे खाकी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

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