लाहौर। इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन टेस्ट मैचों की शृंखला में शुरुआती दो मुकाबले गंवाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल आ गया है। टेस्ट सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा बीच दौरे से 7 खिलाड़ियों और दो कोचिंग स्टाफ को बाहर किए जाने के फैसले पर पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज राशिद लतीफ ने इस पूरे घटनाक्रम पर कप्तान बाबर आजम की चुप्पी को लेकर उन पर कड़ा निशाना साधा है और उन्हें तत्काल कप्तानी से इस्तीफा देने की सलाह दी है।
बाबर आजम की चुप्पी पर राशिद लतीफ का कड़ा प्रहार
राशिद लतीफ ने एक यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान बाबर आजम के नेतृत्व पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आधी टीम और सहयोगी स्टाफ को बाहर किए जाने के बावजूद कप्तान का मौन रहना बेहद निराशाजनक है। लतीफ के अनुसार:
डमी कप्तान की भूमिका: टीम के अहम सदस्यों को हटाए जाने के बाद बाबर केवल एक 'कठपुतली' कप्तान बनकर रह गए हैं।
इस्तीफे की मांग: लतीफ ने कहा कि अगर वे बाबर की जगह होते तो ऐसी कप्तानी को तुरंत ठुकरा देते।
दिग्गज कोचिंग स्टाफ की विदाई: चैंपियंस ट्रॉफी विजेता पूर्व कप्तान (बतौर मेंटॉर) और 2009 टी20 विश्व कप विजेता उमर गुल (गेंदबाजी कोच) को हटाए जाने पर भी कप्तान ने कोई विरोध नहीं जताया।
पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी के फैसले पर भी उठे सवाल
खिलाड़ियों और कोचों को शृंखला के बीच में ही स्वदेश वापस भेजने के बोर्ड के फैसले की भी चौतरफा आलोचना हो रही है। कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी और प्रबंधन को आखिरी टेस्ट मैच खत्म होने का इंतजार करना चाहिए था। बीच दौरे पर इस तरह की कठोर कार्रवाई से टीम के मनोबल पर गहरा नकारात्मक असर पड़ता है।
बर्मिंघम में प्रतिष्ठा बचाने उतरेगी पाकिस्तानी टीम
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है, जहां टीम चार पारियों में एक बार भी 200 के स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। लीड्स में पारी की हार और लॉर्ड्स में 194 रनों की करारी शिकस्त के बाद दोनों देशों के बीच तीसरा और अंतिम टेस्ट मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम में खेला जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 के बाद से सेना (SENA – साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) देशों में पाकिस्तान ने 18 टेस्ट खेले हैं, जिनमें से 16 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है।


