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    ग्लोबल कॉन्फ्रेंस से पहले बोले राघव चड्ढा, ‘भारत का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात’

    नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा 4 से 6 सितंबर तक उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित होने वाले इंटर पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ यंग पार्लियामेंटेरियंस के 12वें संस्करण में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करेंगे। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने हेतु रवाना होने से पूर्व उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट जारी कर इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए भारत के उपराष्ट्रपति का विशेष आभार व्यक्त किया।

    राघव चड्ढा ने कहा कि वैश्विक मंच पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए चुना जाना उनके लिए अत्यंत गौरव का विषय है। समरकंद में आयोजित तीन दिवसीय इस वैश्विक सम्मेलन में विश्वभर के युवा सांसद समसामयिक और नीतिगत मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

    मानवाधिकार, डिजिटल सुरक्षा और जलवायु चुनौतियों पर केंद्रित रहेगी चर्चा

    सांसद राघव चड्ढा ने सम्मेलन की रूपरेखा रेखांकित करते हुए बताया कि इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय (थीम) “मुश्किल दौर में सभी के लिए मानवाधिकारों, न्याय और सम्मान को फिर से स्थापित करना” निर्धारित किया गया है।

    तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर संवाद स्थापित करेंगे:

    • वैश्विक संघर्षों के मध्य युवाओं के अधिकार एवं सुरक्षा

    • डिजिटल अधिकार और ऑनलाइन साइबर सुरक्षा

    • जलवायु परिवर्तन से उपजी चुनौतियां और पर्यावरणीय न्याय

    • युवाओं के लिए टिकाऊ आर्थिक एवं स्वरोजगार के अवसर

    उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मंच विभिन्न राष्ट्रों के जनप्रतिनिधियों को अपने विचार, नीतियां और अनुभव साझा करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।

    'दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के पास साझा करने को बहुत कुछ'

    राघव चड्ढा ने बल देकर कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ-साथ एक युवा राष्ट्र भी है। इस नाते इन संवेदनशील विषयों पर भारतीय संसद के पास वैश्विक समुदाय के साथ साझा करने हेतु व्यापक नीतियां और अनुभव हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने के लिए भी वृहद अवसर उपलब्ध हैं।

    इंटर पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 1889 में स्थापित इस संस्था का मुख्यालय जिनेवा में स्थित है। यह दुनिया की राष्ट्रीय संसदों का सबसे प्राचीन और विशालतम वैश्विक संगठन है, जिसमें वर्तमान में 180 सदस्य संसदें तथा 15 सहयोगी सदस्य शामिल हैं।

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