धाराशिव (महाराष्ट्र)। जिले के ऐतिहासिक नलदुर्ग किले में गुरुवार को एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां किले के सबसे ऊंचे 'उपली बुर्ज' से गिरने के कारण 30 वर्षीय महिला और उसके दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
80 फीट ऊंचे 'उपली बुर्ज' से गिरे मां और तीन बच्चे
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भंटाल गांव में अपने मायके में रह रही अश्विनी मनोहर पोल (30 वर्ष) गुरुवार को अपने तीन बच्चों—साढ़े पांच वर्षीय पुत्र अजिंक्य तथा ढाई वर्ष की जुड़वां पुत्रियों वीरा और क्रांति—के साथ नलदुर्ग किला देखने आई थीं। लगभग 105 एकड़ क्षेत्र में फैले इस ऐतिहासिक किले में 100 से अधिक बुर्ज हैं, जिनमें सबसे ऊंचा हिस्सा 'उपली बुर्ज' (लगभग 80 फीट) माना जाता है। भ्रमण के दौरान चारों अचानक इस भारी ऊंचाई से नीचे गिर गए।
मां और दो बच्चों की दर्दनाक मौत, एक बच्ची उपचाराधीन
गंभीर ऊंचाई से गिरने के चलते अश्विनी पोल और उनके बेटे अजिंक्य ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल दोनों जुड़वां बहनों, वीरा और क्रांति को तत्काल धाराशिव सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के दौरान ढाई वर्षीय क्रांति की भी सांसें थम गईं, जबकि दूसरी बच्ची वीरा की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका अस्पताल में सघन इलाज जारी है।
पूर्व में सुरक्षा बल में कार्यरत थीं मृतका; जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतका अश्विनी पूर्व में सरकारी सुरक्षा एजेंसी 'महाराष्ट्र सुरक्षा बल' (MSF) में कार्यरत थीं, लेकिन करीब 4-5 माह पूर्व उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
नलदुर्ग थाना पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराने के साथ ही आकस्मिक मौत (ADR) दर्ज कर ली है। पुलिस इस बिंदु पर सघन पड़ताल कर रही है कि यह घटना अनियंत्रित होकर दुर्घटनावश गिरने से हुई या इसके पीछे कोई पारिवारिक अथवा मानसिक तनाव जनित अन्य कारण थे।


