नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के नए चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की है। इस संवाद को प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद आत्मीय और परिणामदायक करार दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और जर्मनी अपने कूटनीतिक संबंधों के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर दोनों राष्ट्रों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने का संकल्प दोहराया है। वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, हरित ऊर्जा, उन्नत प्रौद्योगिकी और कुशल कार्यबल (टैलेंट मोबिलिटी) के आदान-प्रदान पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।
यूरोपीय संघ में भारत का प्रमुख स्तंभ है जर्मनी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूरोप महाद्वीप के साथ भारत के प्रगाढ़ संबंधों को आकार देने में जर्मनी एक महत्वपूर्ण धुरी की भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने में जर्मनी भारत का एक भरोसेमंद साथी है। दोनों देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय रिश्ते केवल दो देशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह समग्र यूरोपीय क्षेत्र के साथ भारत के संबंधों को नई मजबूती प्रदान करते हैं।
भविष्य के रणनीतिक लक्ष्यों पर बनी सहमति
आगामी रणनीतिक रोडमैप पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान और युवाओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे। यह निरंतर साझेदारी न केवल दोनों राष्ट्रों के नागरिकों के उज्ज्वल भविष्य और आर्थिक हितों को सुरक्षित करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा का माहौल तैयार करने में भी निर्णायक सिद्ध होगी।


