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    2026 में ब्रिक्स की नई दिशा, मोदी सरकार के चार शब्दों में छिपा बड़ा संदेश

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक कूटनीति, सांस्कृतिक स्वागत और आर्थिक रणनीतियों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन ने दुनिया भर के राजनेताओं, मीडियाकर्मियों और वैश्विक संगठनों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

    जर्मन मीडिया प्रतिनिधि ने की व्यवस्थाओं की सराहना

    शिखर सम्मेलन कवर करने पहुंचे जर्मन मीडियाकर्मी बेन ने भारत की प्रशासनिक और आतिथ्य व्यवस्थाओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत उनकी उम्मीदों से कहीं आगे निकला है। ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के सम्मेलनों का अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इस बार मिला मीडिया किट अब तक का सबसे बेहतरीन है, जिसमें वीगन सुपर फूड, कॉफी, हल्के मग, सुंदर स्कार्फ और अन्य उपयोगी सामग्रियां शामिल हैं।

    शी जिनपिंग और मैक्सिम रिजेनकोव का दिल्ली आगमन

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात वर्षों के बाद भारत के दौरे पर पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर आए उनके इस प्रतिनिधिमंडल में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कई वरिष्ठ पोलित ब्यूरो सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं। इसके अलावा, बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिजेनकोव भी ब्रिक्स बैठकों में भाग लेने के लिए शनिवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे, जहां विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

    सिरिल रामाफोसा का बड़ा आर्थिक बयान

    दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भू-राजनीतिक बदलावों के इस दौर में ब्रिक्स एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) को केवल कच्चे माल के निर्यातक या तैयार माल के उपभोक्ता बनने की पुरानी परिपाटी से बाहर निकलने का आह्वान किया। रामाफोसा ने कहा कि विस्तारित ब्रिक्स का मुख्य उद्देश्य अर्थव्यवस्थाओं के बीच गहरे उत्पादक संबंध और लचीलापन स्थापित करना होना चाहिए।

    व्लादिमीर पुतिन के लिए खास आतिथ्य सत्कार

    दिल्ली प्रवास के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्वागत के लिए आईटीसी मौर्या होटल में विशेष तैयारियां की गई हैं। उनके सम्मान में भारतीय पारंपरिक मिठाइयों की एक खास थाली तैयार की गई है। इसके साथ ही इलायची, केसर, गुलाब, अदरक और सौंफ के अनूठे भारतीय स्वादों से सजे मसालेदार चॉकलेट बोनबोन भी मेहमानों को परोसे जाएंगे।

    सम्मेलन का मुख्य कार्यक्रम और शेड्यूल

    शनिवार को दोपहर के सत्र में बंद कमरे में नेताओं की बैठक हुई, जिसमें समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद नेताओं ने 'भारत इनोवेट्स' प्रदर्शनी का दौरा किया और सामूहिक पौधरोपण में हिस्सा लिया। शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एक भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया गया है। रविवार, 13 सितंबर को शिखर सम्मेलन का मुख्य खुला सत्र आयोजित होगा, जिसका केंद्रीय विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना" है। इस सत्र के अंत में नई दिल्ली घोषणापत्र जारी किए जाने के साथ ही इस दो दिवसीय महासम्मेलन का समापन होगा।

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