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    लक्ष्मणगढ़ में 14 सितंबर को सजेगा गणेश उत्सव, मुख्य बाजार और किले रोड पर विराजेंगे गणपति

    भक्ति के रंग में मनेगी गणेश चतुर्थी, सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा स्थापना का शुभ मुहूर्त

    लक्ष्मणगढ़। कस्बे में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होगी। इस दौरान कस्बे के प्रमुख स्थानों पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।

    योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी कस्बे के मुख्य बाजार में श्री गणेश आराध्य मंडल तथा किले रोड स्थित पंडाल में भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। गणपति स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।

    11:02 से 1:31 बजे तक गणपति स्थापना

    पंडित लोकेश कुमार के अनुसार गणपति स्थापना के लिए सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक का शुभ मुहूर्त रहेगा। श्रद्धालु इस दौरान विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश की स्थापना कर पूजा-अर्चना करेंगे।

    दस दिवसीय उत्सव के दौरान भगवान गणेश की आराधना, धार्मिक कार्यक्रम और श्रद्धालुओं की सहभागिता से कस्बे में भक्तिमय वातावरण रहने की उम्मीद है।

    भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है पर्व

    पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को भगवान शिव और माता पार्वती का पुत्र माना जाता है।

    उन्होंने बताया कि मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से गणेश की रचना की थी। इसके बाद भगवान शिव से उनका सामना हुआ और आगे चलकर गणेश भगवान के रूप में उनकी प्रतिष्ठा हुई। इसी धार्मिक मान्यता के कारण गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने का विशेष अवसर माना जाता है।

    सर्वसमाज की सहभागिता से बढ़ती एकजुटता

    लक्ष्मणगढ़ कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में भी गणेश उत्सव श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। आयोजन में विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग भाग लेते हैं। सामूहिक रूप से होने वाले धार्मिक आयोजनों से सामाजिक एकजुटता और आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलता है।

    गणेश चतुर्थी भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा कर सुख-समृद्धि और विघ्नों से मुक्ति की कामना करते हैं।

    समृद्धि और विघ्नों से मुक्ति की कामना

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता की कामना करते हैं।

    कस्बे में मुख्य बाजार और किले रोड पर होने वाले आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। दस दिवसीय उत्सव के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक सहभागिता का भी माहौल देखने को मिलेगा।

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