गांधीनगर। राष्ट्रीय सुरक्षा और आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर (IIT Gandhinagar) और गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (Gujarat ATS) ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस तीन दिवसीय/त्रिवर्षीय साझेदारी का मुख्य उद्देश्य शोध, तकनीकी नवाचार, क्षमता निर्माण और एटीएस व छात्रों के लिए प्रशिक्षण के अवसरों को विस्तार देना है।
एमओयू पर प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता
समझौते पर दोनों प्रमुख संस्थानों के उच्च अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर इस संयुक्त पहल की शुरुआत की:
हस्ताक्षरकर्ता: गुजरात एटीएस के उप महानिरीक्षक (DIG) सुनील जोशी और आईआईटी गांधीनगर के डीन (आरएंडडी) प्रो. विमल मिश्रा।
उपस्थिति: इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. रजत मूना, गुजरात एटीएस के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ के. समेत कई अन्य विशेषज्ञ और प्राध्यापक उपस्थित रहे।
'प्रोजेक्ट स्पंदन': डिजिटल जांच और इंटेलिजेंस पर फोकस
गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि 'प्रोजेक्ट स्पंदन' के माध्यम से पुलिसिंग में आधुनिक शोध और तकनीक को जोड़ा जाएगा:
तकनीकी उपकरण: दोनों संस्थान मिलकर खुफिया जानकारी एकत्र करने और डिजिटल जांच (Digital Forensics) के लिए आधुनिक उपकरण व सॉफ्टवेयर विकसित करेंगे।
व्यावहारिक रिसर्च: आईआईटी के निदेशक प्रो. रजत मूना के अनुसार, इस साझेदारी का लक्ष्य शोध को केवल प्रयोगशाला तक सीमित न रखकर एटीएस की वास्तविक सुरक्षा चुनौतियों से जोड़ना है।
कर्मचारियों को उच्च शिक्षा और छात्रों को इंटर्नशिप का मौका
इस समझौते से एटीएस कर्मियों और आईआईटी गांधीनगर के विद्यार्थियों, दोनों को शैक्षणिक व व्यावहारिक लाभ मिलेगा:
एटीएस कर्मियों के लिए पढ़ाई: एटीएस के अधिकारी व कर्मचारी आईआईटी गांधीनगर के 'एग्जीक्यूटिव मास्टर्स' तथा अन्य स्पेशल अकादमिक प्रोग्राम्स में दाखिला लेकर अपनी क्षमता बढ़ा सकेंगे।
विशेष व्याख्यान: एटीएस के विषय विशेषज्ञ आईआईटी के ऑनलाइन कोर्सेज में गेस्ट लेक्चर देंगे और सिलेबस तैयार करने में मदद करेंगे।
छात्रों को इंटर्नशिप: नियमानुसार चयन प्रक्रिया पूरी करने वाले आईआईटी के मेधावी छात्रों को गुजरात एटीएस में इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।
यह समझौता लागू होने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि तक प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।


