वोट पड़ने के बाद बोर्ड गठन को लेकर सरकारी तंत्र सक्रिय होने का दावा, पुलिस-प्रशासन पर कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों को प्रभावित करने का आरोप
जयपुर। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने के बाद सरकार का पूरा तंत्र बोर्ड बनाने की कवायद में लगा हुआ है और कांग्रेस तथा निर्दलीय पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है। जूली ने पुलिस-प्रशासन के कथित दुरुपयोग पर कहा कि मतदान समाप्त होने के बाद जिस तरह से सरकार बोर्ड गठन के लिए सक्रिय हुई है, वह अभूतपूर्व है। उनके अनुसार,वोट डल गए, लेकिन उसके बाद पूरी सरकार बोर्ड बनाने में लग गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अपने सामान्य काम छोड़कर कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों पर नजर रखने तथा उन्हें प्रभावित करने में जुटे हुए हैं।
छापों और कार्रवाई को बताया दबाव का हथियार
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पार्षदों और उनके करीबियों पर अलग-अलग सरकारी विभागों के माध्यम से दबाव बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक कहीं पटवारी जमीन की पैमाइश करने पहुंच रहे हैं, तो कहीं जीएसटी और प्रदूषण विभाग की टीमें कार्रवाई कर रही हैं। जूली ने इसे बोर्ड गठन से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि चुनाव के बाद अचानक सरकारी एजेंसियों की सक्रियता क्यों बढ़ गई?
भरतपुर से बहरोड़ तक दबाव का आरोप
जूली ने दावा किया कि भरतपुर में कांग्रेस प्रत्याशी पर दबाव बनाकर नामांकन वापस कराया गया। उन्होंने एक अन्य मामले में क्रेशर और रिश्तेदारों की फैक्ट्रियों पर कार्रवाई का आरोप लगाया। इसी तरह बहरोड़ में कांग्रेस प्रत्याशी की जमीन पर तहसीलदार के पहुंचने का दावा भी किया।
पुलिस अधीक्षकों को दिए ज्ञापन
जूली ने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन देकर पार्षदों पर कथित दबाव और प्रशासनिक हस्तक्षेप के मामलों को उठाया है। उनका आरोप है कि चुनाव के बाद भी राजनीतिक गतिविधियों में सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है।
चुनाव प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बाहर से लोगों को बुलाकर चुनाव प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने SIR की नई मतदाता सूची और चुनाव में इस्तेमाल हुई मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए तथा कथित फर्जी मतदान की जांच की मांग की।जूली ने VVPAT मशीनों को लेकर भी सवाल उठाया।
परिसीमन पर बड़ा आरोप
जूली ने परिसीमन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाया। उनका दावा है कि कुछ क्षेत्रों में वार्डों की संरचना इस तरह की गई कि भाजपा के वार्ड अपेक्षाकृत छोटे और कांग्रेस के वार्ड बड़े रहे। उन्होंने कहा कि कहीं एक भाजपा वार्ड के बराबर कांग्रेस के तीन-चार वार्डों का क्षेत्रफल होने जैसी स्थिति दिखाई दी।
वोट प्रतिशत पर भाजपा के दावे को चुनौती
जूली ने निकाय चुनाव के वोट प्रतिशत को लेकर भाजपा के दावों पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि भाजपा के वोट घटे हैं और कांग्रेस के वोट बढ़े हैं, इसके बावजूद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा इसे बड़ी जीत के तौर पर पेश किया जा रहा है।
पांच दिन प्रचार, दस दिन बाड़ेबंदी
जूली ने कहा कि प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को प्रचार के लिए बेहद कम समय मिला। उनके अनुसार, पांच दिन प्रचार और करीब दस दिन बाड़ेबंदी में रखने की स्थिति पैदा कर दी गई।
घर से पार्षद उठाने के आरोप
जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और कुछ पार्षदों को उनके घरों से ले जाने तक की शिकायतें सामने आ रही हैं।
टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि जनता ने अपना फैसला सुना दिया है तो फिर बोर्ड गठन के लिए प्रशासनिक दबाव की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जनता के वोट से बोर्ड बनना चाहिए, सरकारी दबाव से नहीं।
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