पहली बार बोर्ड गठन के बाद नगर की मूलभूत सुविधाओं पर उठे सवाल, कचरा, रोशनी, जल निकासी और आवारा पशुओं की समस्या से नागरिक परेशान
लक्ष्मणगढ़। नगर पालिका के गठन और क्षेत्र विस्तार के बाद लक्ष्मणगढ़ शहर के सामने विकास से जुड़ी कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। पहली बार नगर पालिका बोर्ड के गठन के साथ जहां शहरवासियों को बेहतर सुविधाओं की उम्मीद है, वहीं सफाई, रोशनी, जल निकासी, पेयजल, कार्यालय भवन और आवारा पशुओं जैसी समस्याएं अब नए बोर्ड के सामने प्राथमिकता का विषय बनती दिखाई दे रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के विस्तार के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है। कई समस्याओं को लेकर नागरिक और व्यापारी लंबे समय से शिकायतें करते रहे हैं।
15 दिन से सफाई कर्मियों की हड़ताल, बाजार और गलियों में कचरे के ढेर
लक्ष्मणगढ़ में सफाई व्यवस्था इस समय सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल है। पिछले करीब 15 दिनों से सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते मुख्य बाजारों और गलियों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। दुकानों के सामने जमा गंदगी से व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और गर्मी के मौसम में मच्छरों के बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। नागरिकों ने डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के खतरे को देखते हुए तत्काल सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सफाई कर्मियों से जुड़े अनुभव प्रमाण पत्र के मुद्दे को लेकर विवाद के बाद हड़ताल की स्थिति बनी है। स्थानीय स्तर पर इस मामले के स्थायी समाधान की मांग की जा रही है।
नालियों की अधूरी सफाई से बढ़ रही परेशानी
शहर में नालियों की सफाई भी एक चुनौती बनी हुई है। नागरिकों का आरोप है कि कई स्थानों पर नालियों से निकाला गया कचरा पूरी तरह हटाने के बजाय सड़क किनारे छोड़ दिया जाता है। बारिश या अन्य कारणों से यही कचरा दोबारा नालियों में पहुंच जाता है, जिससे सफाई की पूरी प्रक्रिया बेअसर हो जाती है और दुर्गंध की समस्या बनी रहती है।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
शहरी क्षेत्र के विस्तार के बावजूद कई सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। मुख्य मार्गों के साथ नए वार्डों में भी स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव को लेकर नागरिक सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ स्थानों पर दिन में भी लाइटें जलती रहती हैं, जबकि रात के समय रोशनी की व्यवस्था बाधित होने की शिकायतें मिलती हैं। अंधेरे वाले स्थानों पर राहगीरों को परेशानी होती है और दुर्घटना तथा चोरी जैसी घटनाओं को लेकर भी लोगों में चिंता रहती है।
जलभराव और निकासी की समस्या बनेगी बड़ी चुनौती
लक्ष्मणगढ़ में बारिश के दौरान जलभराव और पानी की उचित निकासी का मुद्दा भी गंभीर है। कई स्थानों पर जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी जमा होने की समस्या सामने आती है। नागरिकों का कहना है कि शहर के विस्तार के साथ जल निकासी की समुचित योजना तैयार करना नए बोर्ड के लिए जरूरी होगा।
नगर पालिका में सभा भवन का अभाव
नगर पालिका क्षेत्र बनने के बाद भी कार्यालय में पर्याप्त स्थान का अभाव एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक चुनौती है। जागरूक नागरिक गंगा लहरी प्रजापत ने बताया कि वर्तमान नगर पालिका कार्यालय पूर्व के ग्राम पंचायत कार्यालय में संचालित हो रहा है।
उनके अनुसार कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने के लिए ही पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में नगर पालिका बोर्ड की बैठकों के लिए अलग सभा भवन नहीं होना व्यवस्था के लिए बड़ी कमी है। उनका कहना है कि शहर के निर्वाचित प्रतिनिधियों को बैठकर स्थानीय समस्याओं पर चर्चा और निर्णय लेने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध होना चाहिए।
बंदरों के आतंक से नागरिक परेशान
लक्ष्मणगढ़ कस्बे में बंदरों की बढ़ती समस्या भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर छोटे पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं और कई बार घरों में सूख रहे कपड़े भी उठा ले जाते हैं।
कुछ नागरिकों ने बताया कि बंदरों के कारण छोटे बच्चों को चोट लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं। राहगीरों को भी इनके कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका को संबंधित विभाग के सहयोग से इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
पाइप लाइन बिछने के बाद भी मीठे पानी का इंतजार
जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाए जाने के बावजूद शहरवासियों को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी उठाया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि पाइप लाइन का कार्य होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि घरों तक बेहतर पेयजल पहुंचेगा, लेकिन मीठे पानी की समस्या अभी भी बनी हुई है।
आवारा पशुओं से बाजार और मोहल्लों में खतरा
शहर में आवारा पशुओं की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। बाजार और मोहल्लों में घूमते आवारा पशुओं के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ राहगीरों को भी परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार आवारा पशुओं के आपस में लड़ने के दौरान राहगीर चोटिल हो जाते हैं। बाजार क्षेत्र में यह समस्या व्यापारियों और ग्राहकों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है।
नए बोर्ड के सामने चुनौतियों का लंबा एजेंडा
प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार के बाद नए बोर्ड के सामने केवल विकास कार्य कराने की ही नहीं, बल्कि मौजूदा बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की भी जिम्मेदारी है। सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाना, जल निकासी सुधारना, स्ट्रीट लाइटों का नियमित रखरखाव, पेयजल उपलब्ध कराना, सभा भवन की व्यवस्था करना तथा बंदरों और आवारा पशुओं की समस्या का समाधान करना प्रमुख मुद्दे हैं।
अब देखना होगा कि नगर पालिका के नवगठित बोर्ड और संबंधित प्रशासन इन समस्याओं को कितनी प्राथमिकता देता है और लक्ष्मणगढ़ शहर के नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किस स्तर पर ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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