पार्षदों के कथित दलबदल और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों के बीच चेतावनी, बोले—जनता देगी जवाब
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर नगर निकाय चुनावों में प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों से पहले सरपंचों, प्रधानों और जिला प्रमुखों के खिलाफ अंतिम समय में कार्रवाई या नोटिस जारी कर उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। जूली ने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाई हुई तो प्रदेश की जनता इसका जवाब देगी।
जूली के अनुसार, मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और कथित रूप से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में साक्ष्यों के साथ ज्ञापन सौंपा।
नगर निकाय चुनावों में प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि हालिया नगर निकाय चुनावों में भाजपा सरकार ने चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवारों के नामांकन और चुनाव चिह्न से संबंधित मामलों में अनियमितताएं की गईं तथा अंतिम समय में नोटिस जारी किए गए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस, वन, खनन, प्रदूषण नियंत्रण, श्रम, खाद्य सुरक्षा, जीएसटी और चिकित्सा विभागों के अधिकारियों का इस्तेमाल विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया गया। ये आरोप जूली ने भाजपा सरकार पर लगाए हैं।
चुनावी आंकड़ों को लेकर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि शहरी निकायों में भाजपा का मत प्रतिशत पिछले निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तुलना में घटा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भी जनता का समर्थन मिला है। जूली ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से बहुमत को लेकर किए गए दावों पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने अधिकारियों की भूमिका पर आपत्ति जताते हुए कहा कि संविधान की शपथ लेकर काम करने वाले अधिकारियों को निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए। जूली ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं और ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
पेंशन, बिजली-पानी और किसान सब्सिडी का मुद्दा उठाया
जूली ने कहा कि सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद भी प्रदेश के लोगों को पेंशन, पालनहार योजना, खाद्य सुरक्षा, बिजली, पानी और किसान सब्सिडी जैसी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसमस्याओं के समाधान के बजाय सरकार का ध्यान पार्षदों को अपने पक्ष में करने पर केंद्रित है।
पंचायत चुनावों से पहले कार्रवाई को लेकर चेतावनी
जूली ने कहा कि पंचायत चुनावों से पहले सरपंचों, प्रधानों और जिला प्रमुखों के खिलाफ अंतिम समय में कार्रवाई करने या नोटिस जारी करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जनप्रतिनिधियों को चुनाव लड़ने से रोकने के उद्देश्य से ऐसी कार्रवाई की गई तो प्रदेश की जनता सरकार को माफ नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्षता से काम करने वाले अधिकारियों का उत्पीड़न हुआ और कथित रूप से पक्षपात करने वाले अधिकारियों को बचाया गया, तो कांग्रेस पार्टी राजस्थान में सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी।
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