मुंबई। मुंबई के व्यस्त दादर (पूर्व) रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों से धोखाधड़ी करने और मनमाना किराया वसूलने वाले बेखौफ टैक्सी चालकों के खिलाफ मुंबई सेंट्रल आरटीओ (RTO) ने सख्त कार्रवाई का चाबुक चलाया है। मीडिया में मामला तूल पकड़ने के बाद आरटीओ की विशेष टैक्सी टीम ने लगातार दो दिनों तक सुबह-सुबह औचक निरीक्षण कर बड़ा एक्शन लिया है। इस विशेष जांच अभियान के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली कुल 16 टैक्सियों पर कार्रवाई करते हुए 73,500 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला गया है।
सालों से चल रहा था यात्रियों को ठगने का खेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दादर पूर्व रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 12 के बाहर सुबह के समय आने-जाने वाले यात्रियों को निशाना बनाने का यह अवैध खेल पिछले कई वर्षों से लगातार जारी था। टैक्सी चालकों पर आरोप था कि वे शुरुआत में यात्रियों को 'मीटर से चलने' का झांसा देकर गाड़ी में बैठा लेते थे, और फिर सफर के दौरान या पहुंचने पर तय नियमों के विपरीत मनमाने पैसों की मांग करते थे। इतना ही नहीं, पैसों के लेन-देन को लेकर यात्रियों के साथ धोखाधड़ी और अभद्रता करने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही थीं।
दो दिनों तक चला आरटीओ का विशेष अभियान
मामला मीडिया में उजागर होने के बाद हरकत में आए आरटीओ ने तुरंत एक्शन लेते हुए पहले दिन विशेष जांच अभियान चलाकर 8 टैक्सियों पर शिकंजा कसा और 23,500 रुपये का जुर्माना वसूला। इसके बाद अगले क्रम में 29 सितंबर को सुबह 5 बजे से दादर रेलवे स्टेशन परिसर में दोबारा ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान यात्रियों से अवैध रूप से अधिक किराया वसूलने वाले 8 और वाहनों को पकड़ा गया, जिनसे 50,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। आरटीओ की यह पूरी कार्रवाई सहायक मोटर वाहन निरीक्षक नागेश वायदंडे, स्वप्निल गवली और हर्षवर्धन शाहापुरकर की विशेष टीम द्वारा सफलतापर्वक पूरी की गई।
जांच में सामने आए नियमों के गंभीर उल्लंघन
आरटीओ की इस व्यापक जांच के दौरान टैक्सी चालकों द्वारा मोटर वाहन नियमों की कई गंभीर धज्जियां उड़ाए जाने के मामले सामने आए, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
यात्रियों से तय नियमों के विरुद्ध अवाजवी या अतिरिक्त किराए की वसूली।
गाड़ियों के पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र (Fitness Certificate) का न होना या उसकी समय सीमा समाप्त हो जाना।
वाहन चलाने वाले चालकों के पास वैध ड्राइविंग बैज का अभाव।
मोटर वाहन अधिनियम से जुड़े अन्य तकनीकी और प्रशासनिक उल्लंघन।
धोखाधड़ी के मामलों में एफआईआर दर्ज कराना जरूरी
आरटीओ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एक मामले में पीड़ित यात्री की शिकायत पर टैक्सी का सही पंजीकरण नंबर दर्ज नहीं होने के कारण उस विशिष्ट वाहन पर तत्काल कार्रवाई करना संभव नहीं हो पाया। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह देते हुए कहा कि यदि मामला आर्थिक धोखाधड़ी या लूटपाट से जुड़ा है, तो संबंधित यात्री को स्थानीय पुलिस थाने या रेलवे पुलिस (GRP) में जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज करानी चाहिए और एफआईआर (FIR) की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
रेलवे प्रशासन और पुलिस ने भी उठाए कड़े कदम
चूंकि यह पूरा मामला रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म के ठीक बाहर से जुड़ा हुआ है, इसलिए भारतीय रेलवे ने भी इसे बेहद गंभीरता से लिया है। वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मीडिया में खबर आने के बाद लोहमार्ग पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्टेशन प्रबंधक को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाएं।
मुंबई सेंट्रल के उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी निखिल सालुंखे ने कहा कि यात्रियों को पारदर्शी और सुगम टैक्सी सेवा मिले तथा सभी नियमों का सख्ती से पालन हो, इसके लिए आरटीओ का यह औचक निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। यात्रियों को जागरूक करने और शिकायत दर्ज कराने के तरीकों की जानकारी देने के लिए स्टेशन परिसर के बाहर विशेष जागरूकता पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं। वहीं, रेल पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक अनिल कदम ने भी यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन परिसर में यदि किसी को भी धोखाधड़ी या परेशानी का सामना करना पड़े, तो वे बिना डरे तुरंत आगे आएं और पुलिस से संपर्क करें ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।


