रांची| पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र के फ्रेंड्स कॉलोनी रोड नंबर-4 स्थित जमुना पैलेस के पास शनिवार सुबह एक कार की ड्राइविंग सीट पर सीसीएल (CCL) के रिटायर्ड जनरल मैनेजर (GM) आलोक कुमार का संदिग्धावस्था में शव मिला है। उनके कनपटी के पीछे गोली लगने के निशान मिले हैं। घटनास्थल के पास से ही एक पिस्टल और खाली कारतूस भी बरामद किया गया है।
बहन के घर मिलने आए थे रिटायर्ड इंजीनियर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से मोतिहारी के रहने वाले आलोक कुमार इन दिनों रांची के कांके रोड स्थित इंदिरा नगर में रहते थे। 67 वर्षीय आलोक कुमार दो-तीन दिन पहले ही पटना के राजीव नगर स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाली अपनी बहन से मिलने के लिए आए थे। शनिवार सुबह वह हमेशा की तरह घर से टहलने और घूमने के लिए निकले थे। काफी देर तक जब वे वापस नहीं लौटे और उनकी कार लावारिस हालत में खड़ी दिखाई दी, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। जब परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, तो कार की ड्राइवर सीट पर आलोक कुमार का खून से लथपथ शव पड़ा मिला।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका और रखे अपने पक्ष
मृतक के रिश्तेदार (जीजा) विनोद कुमार ने इस पूरी घटना पर गहरी शंका जताते हुए इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। उनका कहना है कि आलोक कुमार महज दो दिन पहले ही पटना आए थे और सुबह घूमने निकले थे। कार के अंदर से जो पिस्तौल बरामद हुई है, वह उनकी खुद की नहीं है। परिजनों का मानना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी गोली मारकर हत्या की है। पटना में उनका किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था, यदि कोई पुरानी रंजिश रही होगी तो वह झारखंड में ही हो सकती है। इसके अलावा परिजनों ने यह भी जानकारी दी कि मृतक आलोक कुमार का एक बेटा है, जो वर्तमान में मलेशिया में रहकर नौकरी करता है।
फॉरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई और पुलिस जांच
इस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही राजीव नगर थाना पुलिस का अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और पूरे इलाके को सील कर दिया। पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की विशेषज्ञ टीम को तुरंत मौके पर बुलाया। फॉरेंसिक टीम ने कार और उसके आसपास के क्षेत्र से फिंगरप्रिंट (उंगलियों के निशान), कारतूस का खोखा तथा अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की गहराई से जांच कर रही है।


