सार्वजनिक संपत्तियों से 48 घंटे में हटेंगे पोस्टर-बैनर, निजी संपत्तियों पर 72 घंटे में होगी कार्रवाई; राजनीतिक घोषणाओं और वादों पर भी रोक
अलवर। पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को लेकर अलवर जिला प्रशासन ने आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित कराने की तैयारी तेज कर दी है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) डॉ. आर्तिका शुक्ला ने राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार विभागीय अधिकारियों को आचार संहिता के प्रावधानों की सख्ती से पालना कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को सार्वजनिक संपत्तियों पर लगे अनधिकृत राजनीतिक पोस्टर, बैनर, झंडे, होर्डिंग्स और दीवार लेखन को निर्धारित समयसीमा में हटाने के निर्देश दिए हैं। निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक संपत्तियों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगे अनधिकृत राजनीतिक प्रचार को 48 घंटे के भीतर हटाने की कार्रवाई की जाती है।
सार्वजनिक संपत्तियों पर प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश
डॉ. आर्तिका शुक्ला ने कहा कि राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 22क के प्रावधानों के विपरीत सार्वजनिक परिसम्पत्तियों पर लगाए गए पोस्टर, बैनर, झंडे और दीवार लेखन को हटाया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सक्षम स्तर से अनुमति के बिना लगाए गए राजनीतिक दलों के पोस्टर, बैनर, ध्वज, होर्डिंग्स और अन्य प्रचार सामग्री को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सार्वजनिक परिसर, सरकारी भूमि, राजकीय खेल मैदान तथा राजकीय विद्यालयों के परिसर एवं खेल मैदानों का उपयोग राजनीतिक दलों के कार्यालय या अन्य राजनीतिक गतिविधियों के लिए किए जाने की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
निजी संपत्तियों पर 72 घंटे में कार्रवाई
आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के 72 घंटे के भीतर निजी संपत्तियों पर लगे अनधिकृत पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स और दीवार लेखन की भी जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार निजी संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने के लिए संपत्ति मालिक या अधिभोगी की लिखित सहमति आवश्यक होगी। निर्धारित अधिकतम संख्या से अधिक लगाए गए बैनर या अन्य प्रचार सामग्री का विवरण भी संबंधित राजनीतिक दल से प्राप्त किया जाएगा। राजस्थान निर्वाचन विभाग के प्रकाशित दिशा-निर्देशों में भी निजी संपत्तियों पर अनधिकृत राजनीतिक विज्ञापनों को 72 घंटे के भीतर हटाने का प्रावधान दर्ज है।
चुनाव के दौरान घोषणाओं और वादों पर भी रोक
जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि आदर्श आचार संहिता प्रभावी रहने के दौरान राजनीतिक दलों के प्राधिकारी अथवा मंत्री किसी प्रकार के वित्तीय अनुदान की घोषणा नहीं करेंगे और न ही ऐसे वादे किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य मतदाताओं को प्रभावित करना हो।
इसी प्रकार नई परियोजनाओं या योजनाओं की आधारशिला रखने, निशुल्क पट्टे आवंटित करने तथा ऋण माफी की घोषणा करने पर भी रोक रहेगी। सड़कों के निर्माण, पेयजल सुविधा अथवा इसी प्रकार की अन्य सुविधाओं को लेकर ऐसे वादे नहीं किए जाएंगे, जिनसे मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास माना जाए।
पहले से शुरू कार्यों की तैयार होगी सूची
आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले शुरू किए गए तथा अभी शुरू नहीं किए गए कार्यों की सूची तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने के साथ संबंधित कार्रवाई की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
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