मुंबई। त्योहारों के सीजन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मुंबई में एक बड़ा और सख्त अभियान शुरू किया है। इस विशेष जांच अभियान के तहत 1 से 5 अक्टूबर के दौरान शहर के कई होटलों, कैफे और प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
खाद्य सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही
एफडीए अधिकारियों द्वारा की गई इस ताबड़तोड़ जांच में कुल आठ प्रमुख प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग, उनके भंडारण और निर्माण प्रक्रिया में भारी खामियां पाई गईं। त्योहारों के समय खान-पान की चीजों की बढ़ती मांग के बीच इस तरह की लापरवाही आम जनता के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
पांच प्रतिष्ठानों पर निलंबन की गाज
जांच के दौरान नियमों की अनदेखी पाए जाने पर एफडीए ने पांच प्रमुख प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इनमें कुर्ला-सांताक्रूज स्थित कैफे सुल्तान (जहां शावरमा, बिरयानी और कबाब तैयार किए जाते हैं), अंधेरी पूर्व के मरोल स्थित लो फ्रेश फूड प्राइवेट लिमिटेड, अंधेरी पश्चिम का कंट्री क्लब, सुरज लामा मोमोज और सांताक्रूज पश्चिम स्थित कैफे पाकीजा शामिल हैं। इन सभी जगहों पर खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।
तीन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस पूरी तरह रद्द
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एफडीए ने तीन अन्य बड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। इनमें विलेपार्ले एस.वी. रोड स्थित एक प्रमुख स्टोर, विलेपार्ले का कोपेनहेगन हॉस्पिटैलिटी और बांद्रा पश्चिम स्थित ईटक्लब्स शामिल हैं। इन जगहों पर भी खाद्य पदार्थों के भंडारण और हैंडलिंग में भारी गड़बड़ियां पाई गईं, जिससे खाद्य सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन हुआ।
आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
एफडीए ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि मिलावटखोरों पर लगाम लगाई जा सके और लोगों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान में मिलावट या साफ-सफाई से जुड़ी कोई अनियमितता दिखाई दे, तो वे तुरंत विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-222-365 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


