उदयपुर। जिले के भींडर पंचायत समिति क्षेत्र के वाणिया तलाई स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नारदा में एक गंभीर हादसा सामने आया है। स्कूल की जर्जर छत का प्लास्टर अचानक गिरने से कक्षा में बैठे तीन छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्कूल भवन की खस्ताहाल स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं प्रशासन ने जर्जर भवन को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं।
कक्षा में अचानक गिरा छत का प्लास्टर
घटना ग्राम पंचायत वाणिया तलाई के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नारदा की है, जहां अचानक कक्षा-कक्ष की जर्जर छत का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा। इसकी चपेट में आने से तीन विद्यार्थी—काजल (7) पुत्री शांतिलाल मीणा, कृष्णा (7) पुत्र भेरुलाल मीणा और ललित (8) पुत्र नारायण लाल मीणा लहूलुहान हो गए। गनीमत यह रही कि जिस जगह प्लास्टर गिरा, ठीक उसी स्थान पर शिक्षक की टेबल और चेयर रखी हुई थी, जो पूरी तरह चकनाचूर हो गई। हादसे के वक्त कुर्सी पर कोई शिक्षक नहीं बैठा था, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था।
घायल बच्चों का दावा- हादसे के वक्त नहीं था शिक्षक
घायल विद्यार्थियों ने मीडिया को बताया कि हादसे के समय कक्षा में कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं था। बच्चों के अनुसार, उस वक्त एक शिक्षक छुट्टी पर थे और दूसरे शिक्षक वाणिया तलाई गए हुए थे। सिर से खून बहने और गंभीर चोट लगने के बावजूद सहमे हुए बच्चे खुद पैदल अपने घर पहुंचे और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर राजकीय जिला चिकित्सालय भींडर पहुंचे, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। हालांकि, दूसरी ओर संबंधित शिक्षक की तरफ से मौके पर मौजूद होने का दावा किया गया, जिस पर ग्रामीणों ने तीखे सवाल उठाए कि यदि शिक्षक वहां थे, तो उन्होंने घायल बच्चों को अस्पताल ले जाने के लिए कोई पहल क्यों नहीं की।
नामांकित 37 बच्चों पर तैनात हैं दो शिक्षक
इस प्राथमिक विद्यालय में कुल 37 बच्चों का नामांकन है और यहां दो शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिनमें एक स्थायी और एक संविदा शिक्षक शामिल हैं। घटना के बाद अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र खटीक ने स्कूल पहुंचकर उपस्थिति रजिस्टर की जांच की, जिसमें एक शिक्षक की अनुपस्थिति दर्ज पाई गई। अधिकारी के मौके पर पहुंचने के बाद शिक्षक की तरफ से छुट्टी पर होने की बात कही गई। इसके अलावा, ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर है और वर्ष 2020 में भी छत खराब होने पर केवल रंग-रोगन कर औपचारिकता पूरी कर दी गई थी, जिससे अंदरूनी मजबूती खत्म हो गई।
प्रशासन ने जर्जर भवन को कराया बंद
हादसे की सूचना मिलते ही विकास अधिकारी गुलाब सिंह गुर्जर, तहसीलदार सतीश चंद्र पाटीदार, पीईओ अमृतलाल मीणा और एएनएम इन्द्रा मेघवाल सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत स्कूल के इस जर्जर भवन को बंद करने के निर्देश दिए। साथ ही, स्कूल में नामांकित सभी 37 बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए किसी सुरक्षित और छायादार वैकल्पिक परिसर की तलाश शुरू कर दी गई है।


