रीवा: 'अरे मालिक वो थोड़ी सी गलती हो गई..' बोलकर रातों-रात सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध हुए यूट्यूबर मनीष पटेल को अदालत से औपचारिक रूप से जमानत मिल गई है। मनीष पटेल द्वारा सोशल मीडिया पर एक विशेष जाति और महिलाओं के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां साझा की गई थीं, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था। अब इस पूरे मामले में यूट्यूबर को बड़ी राहत मिल चुकी है, और जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना एक नया वीडियो भी जारी कर दिया है।
5 महीने की कैद के बाद यूट्यूबर ने बनाया नया वीडियो
जेल की सलाखों के पीछे 5 महीने बिताने के बाद बाहर आने पर यूट्यूबर ने अपना यह नया वीडियो रीवा से ही तैयार किया है। अपनी इस रील्स में वह यह कहते हुए नजर आ रहा है कि, 'अब मैं जेल से छूटकर वापस आ गया हूं, हालांकि मेरे जेल जाने की खबर तो हर जगह चली थी, लेकिन वापस आने की किसी को भनक तक नहीं लगी।' मनीष ने आगे यह भी कहा कि, 'मेरी कैसी हालत हो गई है, लोग अब मुझे पहचानेंगे या नहीं? मेरी रीच (Reach) भी काफी डाउन हो चुकी है।' उसका यह नया वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है।
किस मामले में जेल भेजा गया था यूट्यूबर?
आपको बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट साझा करने के गंभीर आरोप में यूट्यूबर मनीष पटेल पिछले 5 महीनों से लगातार जेल में बंद था। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (ए) और 353 (2) के तहत मामला दर्ज किया था। गौरतलब है कि इस आपत्तिजनक सामग्री को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों के बीच भारी रोष देखा गया था। इसके अलावा, ऐसा भी बताया जा रहा है कि मनीष द्वारा पूर्व में भी कई ऐसे कंटेंट बनाए गए थे, जिनसे आम लोगों और विभिन्न समाजों की भावनाएं आहत हुई थीं। स्थानीय लोगों ने कई बार उसे समझाने और ऐसा न करने की नसीहत देने का प्रयास किया था, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार आपत्तिजनक वीडियो बनाता रहा।
ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने दर्ज कराई थी शिकायत
इस पूरी घटना से गुस्साए ब्राह्मण समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों ने इसके पहले सिविल लाइन थाने पहुंचकर एक औपचारिक शिकायती आवेदन सौंपा था। समाज के लोगों का कहना था कि मनीष पटेल अक्सर कॉमेडी और मनोरंजन के नाम पर धार्मिक संस्कारों, मान्यताओं और विभिन्न जातियों का सरेआम मजाक उड़ाता है। हाल ही में यूजीसी (UGC) और आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर विंध्य क्षेत्र में पहले से ही सामाजिक संवेदनशीलता बनी हुई है, ऐसे समय में इस प्रकार के भड़काऊ वीडियो समाज में आग में घी डालने का काम कर रहे हैं।


