More
    Homeराजस्थानजयपुरराजस्थान के प्रसिद्ध अधरदेवी मंदिर की खासियत, 365 सीढ़ियां चढ़ने के बाद...

    राजस्थान के प्रसिद्ध अधरदेवी मंदिर की खासियत, 365 सीढ़ियां चढ़ने के बाद मिलते हैं मां के दर्शन

    माउंट आबू। राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में स्थित प्राचीन अर्बुदा माता मंदिर, जिसे 'अधरदेवी मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है, देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्राकृतिक रूप से कटी-छटी चट्टानों के बीच एक गुफा में विराजमान मां अर्बुदा को लेकर यह धार्मिक मान्यता है कि इस पावन स्थल पर माता सती के अधर यानी होंठ गिरे थे। शारदीय नवरात्रि के इन दिनों में इस पवित्र मंदिर परिसर में किसी मेले जैसा भव्य और उल्लासपूर्ण माहौल देखने को मिल रहा है।

    365 सीढ़ियों की चढ़ाई और प्राकृतिक सौंदर्य

    माउंट आबू मुख्य बस स्टैंड से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस अति प्राचीन मंदिर तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 365 सीढ़ियां तय करनी पड़ती हैं, जिन्हें वर्ष के 365 दिनों का प्रतीक भी माना जाता है। सीढ़ियों की यह चढ़ाई अरावली पर्वतमाला की सुरम्य पहाड़ियों और हरी-भरी प्राकृतिक वादियों के बीच से गुजरती है, जो धार्मिक पर्यटकों के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों को भी आकर्षित करती है। सालभर यहाँ भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन नवरात्रि के पावन पर्व पर दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगती हैं।

    प्राकृतिक गुफा और पौराणिक मान्यता

    इस मंदिर की सबसे अनूठी विशेषता इसकी भौगोलिक संरचना है, जो एक प्राकृतिक चट्टानी गुफा के भीतर स्थित है। गर्भगृह तक पहुँचने के लिए भक्तों को चट्टानों के बीच बने संकरे और रोमांचक रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहाँ माता सती के अधर गिरने के कारण ही इस स्थान का नाम 'अधरदेवी' पड़ा और आज भी अरावली की यह देवी इस पूरे क्षेत्र की आराध्य के रूप में पूजी जाती हैं।

    यात्रा के लिए उपयोगी सुझाव

    • समय का चयन: श्रद्धालुओं के लिए सुबह के समय यात्रा करना सबसे सुगम और आरामदायक रहता है।

    • तैयारी: सीढ़ियों की लंबी चढ़ाई को देखते हुए आरामदायक जूते पहनने, अपने साथ पर्याप्त पानी रखने और थकान होने पर बीच-बीच में विश्राम करने की सलाह दी जाती है।

    • विशेष सावधानी: बुजुर्गों, छोटे बच्चों तथा चलने में कठिनाई महसूस करने वाले आगंतुकों को सीढ़ियों और संकरे गुफा मार्ग की चुनौतियों को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here