मुंबई। महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन एक संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ी गतिविधियों की सघन जांच जारी रखी। इस पड़ताल के तहत एजेंसी ने राज्य भर में पांच अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की और कई संदिग्ध व्यक्तियों से कड़ी पूछताछ की।
अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप ग्रुप से हिजबुल मुजाहिदीन के तार जुड़ने की आशंका
जांच-पड़ताल के दौरान एटीएस को एक बेहद संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप ग्रुप का सुराग मिला है, जिसमें पाकिस्तान और खाड़ी देशों सहित कई अन्य राष्ट्रों के सदस्य जुड़े हुए थे। एटीएस के अनुसार, इस व्हाट्सएप ग्रुप के तार कुख्यात आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ग्रुप और उस प्रतिबंधित संगठन के बीच किसी सीधे संबंध को साबित करने वाली कोई ठोस या पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियां इस ग्रुप में होने वाले संवादों और सदस्यों की वास्तविक मंशा को खंगाल रही हैं ताकि किसी भी संदिग्ध या देश-विरोधी गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सके।
रत्नागिरी के शिक्षक से पूछताछ और ग्रुप की गतिविधियां
इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र एटीएस की टीम ने इसी मामले के सिलसिले में रत्नागिरी जिले के राजापुर इलाके में रहने वाले एक शिक्षक से कई घंटों तक गहन पूछताछ की थी। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती सवाल-जवाब के बाद शिक्षक को छोड़ दिया गया, लेकिन उस अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप ग्रुप के खिलाफ जांच की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी है। मिली जानकारी के अनुसार, इस डिजिटल ग्रुप में विभिन्न धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल थे, जहां अक्सर धार्मिक विषयों और विचारों का आदान-प्रदान होता था। इसी को ध्यान में रखते हुए एटीएस बातचीत के तौर-तरीकों और इसमें शामिल सदस्यों की संभावित गतिविधियों की सूक्ष्मता से जांच कर रही है।


