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    हत्या केस के आरोपी शंकर डे पर पुलिस का एक्शन, भागने की कोशिश के दौरान पैर में लगी गोली

    झारखंड के धनबाद जिले में हत्या के एक सनसनीखेज मामले की गहन जांच और साक्ष्य संकलन के दौरान पुलिस और मुख्य आरोपी के बीच जबरदस्त मुठभेड़ होने की खबर सामने आई है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हत्या के आरोपी शंकर डे उर्फ पिंकू डे के पैर में गोली लग गई है। घायल अवस्था में आरोपी को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी शंकर डे पर राम प्रताप प्रसाद की बेरहमी से हत्या करने का गंभीर आरोप है। उसे पहले मैथन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद हत्या में प्रयुक्त हथियार को बरामद करने के लिए पुलिस टीम उसे टुंडी के मनियाडीह इलाके में लेकर गई थी। इसी दौरान यह मुठभेड़ हुई।

    राम प्रताप के लापता होने की शिकायत से खुला राज

    ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक राम प्रताप प्रसाद के अचानक लापता होने के संबंध में इसी साल अगस्त महीने में गोंदूडीह आउटपोस्ट (OP) में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। लापता व्यक्ति की पत्नी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि राम प्रताप पिछले दो दिनों से घर वापस नहीं लौटे हैं। शिकायत के दौरान ही उन्होंने शंकर नाम के एक व्यक्ति पर गहरा संदेह जताया था।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामले की तफ्तीश शुरू कर दी और संदिग्ध की तलाश में जुट गई। इसी क्रम में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी शंकर डे मैथन के आसपास छिपा हुआ है, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे धर दबोचा गया।

    पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश में हुई जवाबी कार्रवाई

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी शंकर डे से हत्याकांड से जुड़े कई अहम और बड़े सुराग हाथ लगे। इसके आधार पर पुलिस टीम उसे कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के लिए टुंडी के मनियाडीह क्षेत्र में ले गई थी।

    पुलिस का दावा है कि मौका पाकर आरोपी ने अचानक एक सब-इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्टल छीन ली और पुलिस गिरफ्त से भागने की कोशिश करने लगा। आरोप है कि उसने पुलिस टीम पर जान से नीयत से फायरिंग भी कर दी। इसके बाद आत्मरक्षार्थ पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी शंकर डे के पैर में गोली जा लगी। पुलिस ने घायल आरोपी को तुरंत अपने कब्जे में लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया।

    लूट की रकम के आपसी विवाद में हुई थी हत्या

    पुलिस की शुरुआती और प्राथमिक जाँच में यह बात सामने आई है कि इस सनसनीखेज हत्या के पीछे मुख्य वजह लूट की रकम का आपसी बंटवारा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इसी साल जून के महीने में गोंदूडीह ओपी क्षेत्र के अंतर्गत लूटपाट की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था, जिसमें राम प्रताप प्रसाद और शंकर डे दोनों के शामिल होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि इसी लूट के माल और पैसों के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद पैदा हुआ था, जिसके चलते राम प्रताप की हत्या कर दी गई।

    जाँच के दौरान पहले मनियाडीह इलाके से एक अज्ञात शव बरामद किया गया था, जिसकी शिनाख्त बाद में राम प्रताप प्रसाद के रूप में हुई थी। अब पुलिस लूट की उस पुरानी वारदात और इस हत्या के बीच के आपसी संबंधों को खंगालने में जुटी है।

    आरोपी के आपराधिक इतिहास की गहराई से जाँच

    फिलहाल स्थानीय पुलिस मामले के सभी पहलुओं की बेहद बारीकी से जाँच कर रही है। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के साथ-साथ आरोपी शंकर डे के पुराने आपराधिक इतिहास और अन्य वारदातों में उसकी संभावित संलिप्तता का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी पुख्ता करने में जुटी है कि राम प्रताप प्रसाद की हत्या किन विशिष्ट परिस्थितियों में की गई थी और इस खौफनाक वारदात में कोई अन्य सह-आरोपी भी शामिल था या नहीं।

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