दीपावली से पहले मिलावटखोरी के खिलाफ तीसरे दिन भी कार्रवाई, दो मिठाई फैक्ट्रियों से मावा, कलाकंद और बर्फी के नमूने लिए
किशनगढ़बास। दीपावली से पहले खैरथल-तिजारा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट की जांच के लिए चलाया जा रहा अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को दूध डेयरी और मिठाई बनाने वाली इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान वैध लाइसेंस नहीं मिलने पर एक दूध डेयरी से दूध की आपूर्ति बंद कराई गई, वहीं दो मिठाई निर्माण इकाइयों से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास के आदेश पर डीएलएसए सचिव अजीत कुड़ी के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने वल्लभग्राम के सिवाना रोड क्षेत्र में संचालित एक दूध डेयरी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान डेयरी संचालक के पास वैध लाइसेंस नहीं मिला। इस पर टीम ने मौके पर ही दूध की आपूर्ति बंद कराते हुए नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएलएसए सचिव अजीत कुड़ी ने स्पष्ट किया कि खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक लाइसेंस होना जरूरी है। लाइसेंस नहीं है तो कारोबार नहीं होगा। खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी।
विजय डेयरी से बर्फी और कलाकंद के नमूने
दूध डेयरी के निरीक्षण के बाद संयुक्त टीम ने विजय डेयरी के कारखाने में जांच की। यहां मिठाई निर्माण की प्रक्रिया और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। टीम ने मौके से कलाकंद, डोडा बर्फी और चॉकलेट बर्फी के नमूने लिए। इसके साथ ही सोयाबीन ऑयल के उपयोग की भी जांच की गई। सुरक्षा उपकरणों की कमी पाए जाने पर संचालक को खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना के निर्देश दिए गए।
फिजा केक इकाई में मावे की जांच
इसके बाद टीम इस्माइलपुर स्थित फिजा केक इकाई पहुंची। यहां मिठाई निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे मावे और मीठे मावे के नमूने लिए गए। जांच के दौरान रिफाइंड ऑयल से कलाकंद तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई। टीम ने परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था और बॉयलर के लाइसेंस से संबंधित आवश्यक निर्देश भी दिए।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार, पीएलवी सूरजभान कछवाहा, राहुल कुमार सहित पुलिस जाप्ता मौजूद रहा।
त्योहार से पहले मिलावट पर निगरानी
दीपावली के दौरान दूध, मावा और मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भी सतर्कता जरूरी हो जाती है। ऐसे में लगातार तीसरे दिन हुई कार्रवाई के तहत अब बड़ी मिठाई निर्माण इकाइयों और दूध आपूर्ति केंद्रों की जांच की गई। नमूनों की प्रयोगशाला जांच के परिणाम आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। अभियान का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।


