More
    Homeदेशचटख धूप से चमकीं हिमालय की चोटियां, पर्यटन स्थलों पर बढ़ी रौनक

    चटख धूप से चमकीं हिमालय की चोटियां, पर्यटन स्थलों पर बढ़ी रौनक

    शिमला। शिमला के एक एनजीओ ने लद्दाख में मनाली-लेह राजमार्ग पर 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित 'घोस्ट टेंपल' के पास से करीब सात से आठ टन प्लास्टिक कचरा साफ किया है। एनजीओ के आठ सदस्यीय दल ने 13 से 15 अक्टूबर के बीच कड़ाके की ठंड और शून्य से नीचे के तापमान जैसी विकट परिस्थितियों का सामना करते हुए यह सफाई अभियान चलाया।

    गाटा लूप्स के 'घोस्ट टेंपल' से जुड़ा है इतिहास

    गाटा लूप्स स्थित इस मंदिर के आसपास का पूरा इलाका भारी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलों सेटा हुआ था। इसके पीछे एक स्थानीय लोककथा जुड़ी है, जिसके अनुसार करीब 25 साल पहले एक ट्रक के खराब होने पर उसके सहायक की ठंड और प्यास से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से वहां से गुजरने वाले यात्री मंदिर के पास प्लास्टिक की पानी की बोतलें छोड़ने लगे, जिससे समय के साथ वहां कचरे का ढेर लग गया।

    कचरा प्रबंधन और सेना का सहयोग

    दुर्गम पहाड़ी इलाके से कई टन प्लास्टिक की बोतलों को हटाकर उचित पुनर्चक्रण केंद्र तक पहुंचाना बेहद कठिन काम था। इस चुनौतीपूर्ण अभियान के लिए एनजीओ ने सीमा सड़क संगठन के 'प्रोजेक्ट हिमांक' और भारतीय सेना के जवानों का आभार जताया है। एनजीओ का उद्देश्य वाहन चालकों और यात्रियों को यह संदेश देना है कि हिमालय को प्लास्टिक मुक्त रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। अभियान के अंत में दल ने वहां एक जागरूकता बोर्ड भी लगाया है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here