पेशावर। भारत के ज्यादातर गैंगस्टर और अपराधी इन दिनों दुनिया के सबसे बड़े अवैध हथियार बाजार 'दर्रा आदम खेल' में निर्मित हथियारों का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। पाकिस्तान के कोहाट और पेशावर के बीच खैबर पख्तूनख्वा में स्थित इस जगह को 'गन फैक्ट्री ऑफ पाकिस्तान' कहा जाता है, जहां ऑस्ट्रिया की ग्लोक, तुर्किये की जिगाना, इटली की बैरेटा और एके-47 जैसे घातक हथियारों की हूबहू नकली प्रतियां (फर्स्ट कॉपी) तैयार की जाती हैं। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए इन हथियारों की तस्करी कर पंजाब भेजा जा रहा है, जहां से देश के अन्य राज्यों के अपराधी भी इन्हें खरीद रहे हैं।
हाई-प्रोफाइल वारदातों में हुआ इन हथियारों का इस्तेमाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या (29 मई 2022) और माफिया अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ के साए में हुए दोहरे हत्याकांड (15 अप्रैल 2023) जैसी कई सनसनीखेज वारदातों में इसी अवैध बाजार की जिगाना और ग्लोक पिस्तौलों का इस्तेमाल किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, सीमा पार से तस्करी कर भारत लाए जा रहे ज्यादातर हथियार इसी पाकिस्तानी अड्डे पर तैयार किए जाते हैं।
बेहद कम कीमत के कारण अपराधियों में बढ़ रहा क्रेज
दर्रा आदम खेल में बनने वाले ये हथियार अपनी कम कीमत के कारण गैंगस्टरों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। जहां असली विदेशी हथियारों की कीमत लाखों में होती है, वहीं ये फर्स्ट कॉपी पिस्तौलें भारत में महज 8,000 से 20,000 रुपये और एके-47 जैसी राइफलें 25,000 से 50,000 रुपये तक में आसानी से मिल जाती हैं। बीएसएफ और पंजाब पुलिस लगातार ड्रोन के जरिए हो रही इस हथियारों की तस्करी पर नकेल कसने की कोशिश कर रही है, इसके बावजूद तस्कर भारतीय सीमा में अवैध हथियार खपाने में सफल हो रहे हैं।


