कारखाना सीज नहीं कराने और माल नष्ट होने से बचाने की एवज में मांगी थी रकम, एसीबी सत्यापन में 2.20 लाख की मांग की हुई थी पुष्टि
खैरथल-तिजारा। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को खैरथल-तिजारा जिले की जिला विशेष टीम (डीएसटी) में तैनात दो कांस्टेबलों को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कांस्टेबल ब्रजेश (नंबर 210) और कांस्टेबल ईश्वर सिंह (नंबर 333) के रूप में हुई है। एसीबी के अनुसार, दोनों आरोपियों से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।
कारखाने में पहुंचकर कार्रवाई का डर दिखाने का आरोप
एसीबी मुख्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, परिवादी ने एसीबी चौकी अलवर प्रथम में शिकायत दी थी कि 21 अक्टूबर को खैरथल-तिजारा डीएसटी प्रभारी गौरव और उनकी टीम के सदस्य ब्रजेश तथा ईश्वर सिंह सादे कपड़ों में उसके कारखाने पर पहुंचे थे।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कारखाने में लगे कैमरे हटवा दिए और नकली कलाकंद बनाने का आरोप लगाते हुए खाद्य विभाग की टीम को बुलाया। खाद्य विभाग की टीम ने वहां मौजूद माल के नमूने लिए।
परिवादी का आरोप है कि इसके बाद कारखाने का माल नष्ट करवाने से बचाने और कारखाना सीज नहीं करवाने की एवज में एक-दो दिन के भीतर एक लाख रुपये देने की मांग की गई।
अन्य कारोबारियों से भी रकम मांगने का आरोप
शिकायत के अनुसार, आरोपी ईश्वर सिंह ने परिवादी के परिचित अन्य व्यक्तियों से भी 50-50 हजार रुपये लेकर डीएसटी कार्यालय आने को कहा। ऐसा नहीं करने पर उनके कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया।
एसीबी के मुताबिक, परिवादी और अन्य संबंधित कारोबारियों की फर्मों पर कार्रवाई नहीं करने तथा तैयार माल नष्ट नहीं करवाने की एवज में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत मिली थी।
सत्यापन में 2.20 लाख रुपये मांगने की पुष्टि
एसीबी ने 21 अक्टूबर को शिकायत का सत्यापन कराया। ब्यूरो के अनुसार, सत्यापन के दौरान दोनों कांस्टेबलों द्वारा परिवादी और सहपरिवादियों की फर्मों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने तथा तैयार माल नष्ट नहीं करवाने की एवज में कुल 2 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
इसके बाद शुक्रवार, 23 अक्टूबर को एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। एसीबी चौकी अलवर प्रथम के प्रभारी पुलिस उप अधीक्षक शब्बीर खान के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान दोनों कांस्टेबलों को परिवादी से 2 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया। शेष राशि और रिश्वत मांग से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच जारी
एसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई ब्यूरो मुख्यालय के निर्देश पर की गई। पुलिस अधीक्षक, जयपुर रेंज पीयूष दीक्षित के पर्यवेक्षण में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
वहीं, एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के पर्यवेक्षण में आरोपियों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। ब्यूरो मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान करेगा।
भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी
एसीबी ने आमजन से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील की है। ब्यूरो के अनुसार, रिश्वत मांगने या भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 94135-02834 पर संपर्क किया जा सकता है। ये हेल्पलाइन चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं।
एसीबी ने यह भी कहा है कि किसी व्यक्ति के विरुद्ध प्रकरण या प्राथमिक जांच दर्ज होने पर संबंधित व्यक्ति सीधे ब्यूरो से संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है। प्रस्तुत तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद जांच में आगे का निर्णय लिया जाता है।
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