रायपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के अंतर्गत झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में बुनियादी ढांचे के विकास और आधुनिकीकरण के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाना निर्धारित किया गया है। यह महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य सत्ताइस नवंबर से सत्रह दिसंबर दो हजार छब्बीस के मध्य अलग-अलग तिथियों में संपन्न होगा। इस विकास कार्य के चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली तथा इस क्षेत्र से संबंधित लगभग इक्यावन यात्री गाड़ियों का परिचालन सीधे तौर पर प्रभावित रहेगा, जिससे छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों से यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रेनों के परिचालन में बदलाव और निरस्तीकरण
रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस अवधि के दौरान विभिन्न रूटों पर चलने वाली कई प्रमुख एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही कुछ चुनिंदा ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है तथा लंबी दूरी की कुछ गाड़ियों को उनके निर्धारित गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दिया जाएगा। रद्द की जाने वाली गाड़ियों में टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस, हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस, टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस, हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस तथा सांतरागाछी और बक्सर जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं, जो विभिन्न तिथियों में अपनी यात्रा पूरी नहीं करेंगी।
परिवर्तित मार्ग और आंशिक समापन वाली प्रमुख गाड़ियां
नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के प्रभावस्वरूप यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। योगनगरी ऋषिकेश और पुरी के बीच चलने वाली उत्कल एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों में अपने सामान्य मार्ग के स्थान पर परिवर्तित मार्ग यानी ईब, झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर सिटी, अंगुल और कटक के रास्ते गंतव्य तक पहुंचेगी। इसके अतिरिक्त आरा और दुर्ग के बीच संचालित होने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस निर्धारित अवधि के दौरान राउरकेला स्टेशन पर ही अपनी यात्रा समाप्त करेगी और वहीं से वापस रवाना होगी, जिससे राउरकेला और दुर्ग के मध्य यह सेवा आंशिक रूप से बाधित रहेगी। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा करने से पूर्व अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति अवश्य जांच लें।


