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    प्रणिती शिंदे ने खारिज की कांग्रेस छोड़ने की अटकलें? बीजेपी में जाने पर दिया बयान

    सोलापुर। महाराष्ट्र के सोलापुर से कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं, संविधान और अपनी राजनीतिक यात्रा को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में आना उनका शुरुआती उद्देश्य नहीं था, बल्कि सामाजिक कार्यों के दौरान लोगों तक सीधे मदद पहुँचाने की सीमाएँ महसूस होने के बाद उन्होंने चुनावी राजनीति में कदम रखने का फैसला किया था।

    सामाजिक कार्यों से राजनीति तक का सफर

    पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशीलकुमार शिंदे की पुत्री प्रणिती शिंदे ने बताया कि राजनीति में आने से पहले उनकी रुचि केवल कम्युनिटी डेवलपमेंट और सामाजिक कार्यों में थी। उन्होंने राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र की पढ़ाई के बाद कानून की डिग्री हासिल की और 'जाईजुई' संस्था के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू किए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में जब उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ने का निर्णय लिया, तो उनके पिता भी हैरान रह गए थे, लेकिन जनता से मिले समर्थन ने उनके काम को एक नई दिशा दी।

    'मैं किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, कांग्रेस की कार्यकर्ता हूँ'

    राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस पार्टी में अपनी भूमिका पर बात करते हुए प्रणिती शिंदे ने कहा कि वह खुद को किसी खास टीम का हिस्सा मानने के बजाय एक निष्ठावान कांग्रेसी मानती हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए देश का संविधान, धर्मनिरपेक्षता और सभी धर्मों का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने महात्मा गांधी, शाहू महाराज, महात्मा फुले, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों को अपने जीवन का आधार बताया।

    भाजपा में शामिल होने की अटकलों को किया खारिज

    वर्ष 2024 में उनके भाजपा में शामिल होने उड़ी अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रणिती शिंदे ने कहा कि कुछ लोगों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश जरूर की थी, लेकिन उन्होंने कभी पार्टी बदलने के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वह कभी भाजपा में शामिल नहीं हो सकतीं। मतदाताओं के भरोसे का जिक्र करते हुए उन्होंने सलाह दी कि नेताओं को अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए और वैचारिक प्रतिबद्धता बनाए रखनी चाहिए।

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