ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता प्रदीप पूर्णकर की जघन्य हत्या के विरोध में मंगलवार को पूरे शहर में उग्र प्रदर्शन और जमकर हंगामा देखने को मिला। घटना से आक्रोशित समर्थकों ने घोड़बंदर रोड के विभिन्न हिस्सों पर चक्काजाम कर दिया और जगह-जगह टायर जलाकर अपना विरोध जताया। इस उग्र प्रदर्शन के कारण मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई और वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। स्थिति ऐसी बन गई कि यात्रियों को कई घंटों तक गाड़ियों में फंसे रहना पड़ा, जबकि अनेक लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए चार से पाँच किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ी। पुलिस प्रशासन के अनुसार कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार तड़के लगभग चार बजे जाकर यातायात सामान्य हो सका।
पूर्व मेयर और उनके पति की गिरफ्तारी की मांग तथा राजनीतिक दबाव के आरोप
दिवंगत नेता प्रदीप पूर्णकर की बीते 29 सितंबर को उनके ही कार्यालय में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके पुत्र राम पूर्णकर ने ठाणे की पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस राजनीतिक दबाव के तहत निष्पक्ष कार्रवाई करने से हिचकिचा रही है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है और अब तक इस हत्याकांड के सिलसिले में पाँच संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
उपमुख्यमंत्री आवास मार्च के दौरान पुत्र की हिरासत और समर्थकों का आक्रोश
मंगलवार को न्याय की मांग को लेकर राम पूर्णकर अपने समर्थकों के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक आवास की ओर पैदल मार्च निकाल रहे थे। हालांकि, पुलिस बल ने उन्हें वागले एस्टेट इलाके में रोककर हिरासत में ले लिया और नौपाड़ा पुलिस स्टेशन ले गई। हिरासत में लिए जाने के दौरान राम पूर्णकर भावुक हो गए और उन्होंने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपना दुख व्यक्त किया। उनके हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही नौपाड़ा थाने के बाहर समर्थकों का भारी हुजूम जमा हो गया, जिसमें शिवसेना (यूबीटी), मनसे, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस के स्थानीय नेता भी शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने ठाणे में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर सवाल उठाते हुए उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
सड़क जाम से जनजीवन अस्त-व्यस्त और सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
घोड़बंदर रोड पर उत्पन्न हुए भीषण ट्रैफिक जाम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें यात्रियों ने अपनी आपबीती साझा की। रात ढाई बजे के करीब कई यात्रियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे दो से तीन घंटे से एक ही स्थान पर फंसे हुए थे और सुबह कार्यालय जाने के बावजूद अपने घर नहीं पहुँच पा रहे थे। मुंबई हवाई अड्डे से लौट रहे कई अन्य यात्रियों ने भी सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की अंतहीन कतारों के दृश्य साझा कर अपनी परेशानी जाहिर की।
एंटी-एक्सटॉर्शन सेल द्वारा पूछताछ और चुनावी रंजिश की आशंका
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे मंगलवार को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय पहुँचीं, जहाँ जांच अधिकारियों ने उनसे विस्तृत पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि वे पुलिस की जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग दे रही हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस वारदात के पीछे पुरानी राजनीतिक रंजिश और आगामी नगर निकाय चुनावों से जुड़ा विवाद मुख्य कारण हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की हर कोण से जांच कर रही है और उपद्रव करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।


