भोपाल। सागर जिले की बहुचर्चित शराब त्रासदी मामले में 40 लोगों की मौत के मुख्य आरोपी जुझार सिंह लोधी की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। बंडा उपजेल में अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल लाया गया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी के साथ मारपीट की आशंका जताई है, जबकि उपजेल प्रशासन इस दावे को सिरे से खारिज कर रहा है।
उपजेल प्रबंधन पर घटना छिपाने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, बंडा उपजेल प्रशासन ने शुरुआत में जुझार सिंह की स्थिति बिगड़ने की जानकारी दबाने की कोशिश की। हालांकि, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर से भोपाल रेफर किए जाने और हमीदिया अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखे जाने की पुष्टि के बाद जेल अधिकारियों ने बीमारी की बात तो कबूल ली, लेकिन किसी भी तरह की मारपीट से साफ इनकार कर दिया। वहीं, अचानक हालत बिगड़ने के कारणों पर जेल प्रबंधन कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा है।
परिजनों का आरोप: 10 घंटे बाद दी सूचना, एम्स नहीं किया रेफर
आरोपी के भाई बनौराज सिंह लोधी ने बताया कि जुझार सिंह की तबीयत बिगड़ने की खबर परिजनों को काफी देर से दी गई। सागर में भर्ती कराने के बाद परिजनों को सूचित किया गया और सोमवार को हालत ज्यादा बिगड़ने पर एंबुलेंस की आड़ में करीब 10 घंटे तक इंतजार कराया गया। मंगलवार सुबह उसे हमीदिया अस्पताल भोपाल लाया गया, जहां परिजनों को मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। परिजनों ने आरोपी को एम्स भोपाल में बेहतर इलाज दिलाए जाने की मांग की थी, जिसे प्रशासन ने ठुकरा दिया।
मारपीट के दावे पर जेल अधीक्षक की सफाई
हमीदिया अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि शुरुआती परीक्षण के आधार पर शरीर पर चोट और मारपीट के लक्षण मिले हैं। दूसरी ओर, जेल अधीक्षक अनुभा चौधरी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी की पहले ही बायपास सर्जरी हो चुकी थी और वह पहले से कई बीमारियों से ग्रसित था। उनके अनुसार आरोपी के सिर में पहले से ही ब्लड क्लॉटिंग की समस्या थी, जिसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ी। फिलहाल हमीदिया अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर निगरानी रख रही है।


