भोपाल। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करवा चौथ का त्योहार पूरी आस्था, उमंग और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित दोनों राज्यों के विभिन्न शहरों में सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुखद दांपत्य जीवन की कामना के साथ निर्जला उपवास रखा।
मध्य प्रदेश के शहरों में छाई उत्सव की छटा
राजधानी भोपाल के साथ-साथ इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में करवा चौथ को लेकर खासा उत्साह देखा गया। महिलाओं ने दिनभर उपवास रखकर शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की व्रत कथा सुनी। त्योहार को लेकर मुख्य बाजारों में भी काफी चहल-पहल रही, जहां महिलाओं ने पूजा सामग्री, वस्त्र, चूड़ियों और श्रृंगार के सामान की जमकर खरीदारी की।
रीवा में दिखी सांस्कृतिक एकता और सौहार्द
विंध्य अंचल के रीवा शहर में करवा चौथ का पर्व सामाजिक समरसता की मिसाल बना। यहां विभिन्न समुदायों की महिलाओं ने एक साथ एकत्र होकर सामूहिक रूप से त्योहार मनाया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं के उत्साह ने आयोजन को यादगार बना दिया। इस सामूहिक पूजा ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का खूबसूरत संदेश दिया।
छत्तीसगढ़ के प्रमुख जिलों में भी रही धूम
छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग और भिलाई में भी महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और निरोगी काया के लिए निष्ठापूर्वक व्रत रखा। शाम को कथा और पूजा के बाद सभी को चांद के दीदार का बेसब्री से इंतजार रहा। क्षेत्र के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों और बाजारों में भी उत्सव के चलते खासी रौनक दर्ज की गई।
चंद्र दर्शन और अर्घ्य के साथ पूरा हुआ व्रत
करवा चौथ की पुरातन परंपरा के अनुसार महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद रात में चंद्रमा को अर्घ्य दिया और छलनी से पति का चेहरा देखकर अपना उपवास खोला। कई स्थानों पर सामूहिक पूजा के आयोजन किए गए। आपसी प्रेम, अटूट विश्वास और समर्पण का यह पावन पर्व दोनों ही राज्यों में पारिवारिक खुशियों के साथ संपन्न हुआ।


